TPCC : कविता के कांग्रेस में शामिल होने की खबर निराधार – टीपीसीसी अध्यक्ष

By Ajay Kumar Shukla | Updated: January 13, 2026 • 10:47 PM

केवल जीतने की क्षमता वाले उम्मीदवारों को ही टिकट

हैदराबाद। तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष के. कविता (K. Kavitha) के कांग्रेस पार्टी में शामिल होने की अफवाहों पर प्रतिक्रिया देते हुए, टीपीसीसी अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ ने स्पष्ट किया कि ऐसा होने का कोई सवाल ही नहीं है। मंगलवार को पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने कहा कि तेलंगाना में बीआरएस (BRS) पार्टी का कोई भविष्य नहीं है और वह केवल अपने अतीत में उलझी हुई है। उन्होंने कहा कि कविता ने पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के परिवार में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर सच्चाई सामने रखी है, जिससे कांग्रेस पार्टी के आरोपों की पुष्टि होती है। उनके अनुसार, कविता के खुलासों से जनता को केसीआर के भ्रष्टाचार की वास्तविकता समझ में आ रही है।

तेलंगाना का कल्याण उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने स्पष्ट किया है कि तेलंगाना का कल्याण उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और वे दोनों तेलुगु राज्यों के बीच नदी जल बंटवारे में एक भी बूंद पानी की बर्बादी नहीं होने देंगे महेश कुमार गौड़ ने बताया कि निगम अध्यक्षों की नियुक्तियां अप्रैल में की जाएंगी और पदों की तुलना में आवेदकों की संख्या अधिक है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी नगर निकाय चुनावों के लिए एक समिति गठित करेगी और केवल जीतने की क्षमता वाले उम्मीदवारों को ही टिकट दिए जाएंगे। उन्होंने भाजपा पर टिप्पणी करते हुए कहा कि भाजपा कितनी बार हिंदू भावनाओं से खिलवाड़ कर जनता का समर्थन हासिल कर सकती है?

हम भी हिंदू हैं और उन्हीं देवी-देवताओं की करते हैं पूजा

धर्म को राजनीति से जोड़ना स्वस्थ परंपरा नहीं है। हम भी हिंदू हैं और उन्हीं देवी-देवताओं की पूजा करते हैं, लेकिन कांग्रेस धर्म के नाम पर वोट नहीं मांगती। उन्होंने पूर्व बीआरएस सरकार पर जिलों के अवैज्ञानिक पुनर्गठन का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसी प्रथाएं कहीं और देखने को नहीं मिलतीं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी अब अधिक तर्कसंगत बदलावों के लिए एक समिति गठित करने की योजना बना रहे हैं और किसी भी जिले को समाप्त करने का कोई इरादा नहीं है।

तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री का नाम क्या था?

तेलंगाना राज्य के गठन के बाद पहले निर्वाचित मुख्यमंत्री के रूप में के. चंद्रशेखर राव ने 2014 से 2023 तक नेतृत्व किया। उन्होंने तेलंगाना राष्ट्र समिति के माध्यम से अलग राज्य आंदोलन का नेतृत्व किया और प्रशासनिक, सिंचाई तथा कल्याणकारी योजनाओं पर विशेष जोर दिया, जिससे क्षेत्रीय पहचान मजबूत हुई।

चंद्रशेखर राव की जाति क्या है?

सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के अनुसार के. चंद्रशेखर राव तेलंगाना के वेलामा समुदाय से आते हैं, जिसे एक प्रभावशाली कृषि प्रधान सामाजिक समूह माना जाता है। भारतीय राजनीति में जाति पहचान अक्सर चर्चा का विषय रहती है, परंतु उनकी राजनीतिक भूमिका नीतियों और आंदोलनों से परिभाषित होती है, मुख्यतः।

चंद्रशेखर कौन से प्रधानमंत्री थे?

भारत में चंद्रशेखर नाम के नेता चंद्रशेखर सिंह 1990 से 1991 तक देश के प्रधानमंत्री रहे। वे जनता दल से जुड़े थे और अल्पमत सरकार का नेतृत्व किया। उनका कार्यकाल राजनीतिक अस्थिरता, आर्थिक चुनौतियों और संसदीय संतुलन के प्रयासों के लिए जाना जाता है, जिसका प्रभाव इतिहास में दर्ज है।

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