అభ్యర్థుల మధ్య లొల్లి చైర్ పర్సన్/మేయర్ ఎన్నిక తగ్గిన టమాటా ధరలు నిజామాబాద్, కరీంనగర్లో బిజెపి జెండా! జలమండలి పునర్వ్యవస్థీకరణ తెలంగాణకు శుభవార్త ఎన్నికల పోలింగ్ ఎంతంటే? ముగిసిన మున్సిపల్ పోలింగ్ కోఠిలో కాల్పులు, ఏటీఎం టార్గెట్! రూ.6 లక్షల దోపిడీ అత్తతో కలిసి మేనమామను చంపిన మేనల్లుడు అభ్యర్థుల మధ్య లొల్లి చైర్ పర్సన్/మేయర్ ఎన్నిక తగ్గిన టమాటా ధరలు నిజామాబాద్, కరీంనగర్లో బిజెపి జెండా! జలమండలి పునర్వ్యవస్థీకరణ తెలంగాణకు శుభవార్త ఎన్నికల పోలింగ్ ఎంతంటే? ముగిసిన మున్సిపల్ పోలింగ్ కోఠిలో కాల్పులు, ఏటీఎం టార్గెట్! రూ.6 లక్షల దోపిడీ అత్తతో కలిసి మేనమామను చంపిన మేనల్లుడు

Hyderabad : कैबिनेट में बंजारा समुदाय की अनुपस्थिति को लेकर कविता ने किया कटाक्ष

Author Icon By Ajay Kumar Shukla
Updated: April 7, 2026 • 1:15 PM
వాట్సాప్‌లో ఫాలో అవండి

हैदराबाद। तेलंगाना जागृति अध्यक्ष के. कविता (K. Kavitha) ने सोमवार को हैदराबाद में सेवानिवृत्त अतिरिक्त डीजीपी डी. टी. नाइक से उनके निवास पर भेंट की। इस बैठक में बंजारा समुदाय के कई प्रमुख सदस्य भी उपस्थित रहे। बैठक नई राजनीतिक पार्टी के 25 अप्रैल को होने वाले शुभारंभ की तैयारियों के हिस्से के रूप में आयोजित की गई थी। चर्चा के दौरान बंजारा समुदाय द्वारा सामना किए जाने वाले प्रमुख मुद्दों और उनके कल्याण एवं सशक्तिकरण (Empowerment) के लिए आवश्यक कदमों पर विचार-विमर्श किया गया।

बंजारा समुदाय को नियमित रूप से कैबिनेट प्रतिनिधित्व मिलता रहा

कविता ने कहा कि एकीकृत आंध्र प्रदेश के इतिहास में बंजारा समुदाय को नियमित रूप से कैबिनेट प्रतिनिधित्व मिलता रहा है, जबकि वर्तमान तेलंगाना में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस सरकार ने ऐसा प्रतिनिधित्व सुनिश्चित नहीं किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि नई राजनीतिक पार्टी बंजारा समुदाय को प्राथमिकता देगी और उनके लिए सम्मान, प्रतिनिधित्व और राजनीतिक अवसर सुनिश्चित करेगी। बैठक में कई प्रमुख नेता पूर्व आदिवासी कल्याण आयुक्त और सेवानिवृत्त आईआरएस अधिकारी लक्ष्मण नाइक, ऑल इंडिया बंजारा सेवा संघ राज्य अध्यक्ष मोहन सिंह नाइक, वाणिज्य कर उप आयुक्त भीमला नाइक और अन्य शामिल थे।

बंजारा समुदाय क्या है?

परंपरागत रूप से यह एक घुमंतू (Nomadic) जनजाति मानी जाती है, जो पहले व्यापार और सामान ढोने का काम करती थी। बंजारा समुदाय का इतिहास बहुत पुराना है और यह अपने विशिष्ट पहनावे, लोकगीतों और संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है। समय के साथ अब ये लोग स्थायी रूप से बस गए हैं और खेती, व्यापार व अन्य कार्यों में लगे हुए हैं।

बंजारा किस जाति में आते हैं?

सरकारी वर्गीकरण के अनुसार यह समुदाय अलग-अलग राज्यों में अलग श्रेणियों में आता है। कई राज्यों में बंजारा समुदाय को अनुसूचित जनजाति (ST) में रखा गया है, जबकि कुछ स्थानों पर इन्हें अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) या अनुसूचित जाति (SC) में भी शामिल किया गया है। यह वर्गीकरण राज्य सरकार के नियमों पर निर्भर करता है।

बंजारा समुदाय कहाँ रहता है?

यह समुदाय भारत के कई राज्यों में फैला हुआ है। बंजारा समुदाय मुख्य रूप से राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में पाया जाता है। पहले ये लोग घुमंतू जीवन जीते थे, लेकिन अब अधिकतर लोग गांवों और शहरों में स्थायी रूप से बस गए हैं और विभिन्न व्यवसायों में लगे हैं।

Read Telugu News: https://vaartha.com/

यह भी पढ़ें :

#Breaking news #HindiNews #LatestNews Banjara Community Community Welfare K Kavitha New Political Party Political Meeting Telangana Politics

గమనిక: ఈ వెబ్ సైట్ లో ప్రచురించబడిన వార్తలు పాఠకుల సమాచార ప్రయోజనాల కోసం ఉద్దేశించి మాత్రమే ఇస్తున్నాం. మావంతుగా యధార్థమైన సమాచారాన్ని ఇచ్చేందుకు కృషి చేస్తాము.