Kerala medical case : केरल से चिकित्सा लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक महिला को ऑपरेशन के बाद पाँच वर्षों तक असहनीय दर्द झेलना पड़ा। सर्जरी के दौरान पेट में छूटा एक सर्जिकल उपकरण पहचाने बिना टांके लगा दिए गए, जिसके कारण वह लंबे समय तक बीमार रहती रही।
अलप्पुझा की रहने वाली उषा जोसेफ ने 2021 में गर्भाशय संबंधी समस्या के इलाज के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सर्जरी कराई थी। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने गलती से सर्जिकल फोर्सेप्स उनके पेट के अंदर ही छोड़ दिए। सर्जरी के बाद उन्हें लगातार पेट दर्द होता रहा, लेकिन कई बार अस्पताल जाने के बावजूद उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया।
आखिरकार दर्द असहनीय होने पर उन्होंने एक निजी अस्पताल का रुख किया, जहां एक्स-रे जांच में पेट के अंदर धातु का उपकरण दिखाई दिया। यह देखकर परिवार और मरीज दोनों स्तब्ध रह गए और मामला चिकित्सा लापरवाही का गंभीर उदाहरण बन गया।
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इस सर्जरी से जुड़ी आरोपित डॉक्टर ललितांबिका अब सेवानिवृत्त (Kerala medical case) हो चुकी हैं। उन्होंने ऑपरेशन करने से इनकार करते हुए कहा कि यदि उपकरण अंदर भी हो तो इससे तुरंत जान का खतरा नहीं होता। उन्होंने दर्द का कारण अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को बताया, जिससे विवाद और बढ़ गया।
मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए विस्तृत जांच के आदेश दिए और पीड़िता को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। जांच के लिए मेडिकल बोर्ड गठित किया गया है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की बात कही गई है। फिलहाल कोच्चि के एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन कर उपकरण निकालने की तैयारी की गई है। यह घटना चिकित्सा लापरवाही के गंभीर खतरे को उजागर करती है।
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