मुख्यमंत्री ने अपने परिवार के साथ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना भी की
हैदराबाद। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी (A. Revanth Reddy) ने सोमवार को निर्मल जिले में ज्ञान सरस्वती मंदिर के विकास कार्यों के लिए आधारशिला रखी। उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क और मंत्रियों कोंडा सुरेखा तथा जुपल्ली कृष्णा राव के साथ, मुख्यमंत्री ने इस परियोजना के लिए भूमि पूजन किया। मुख्यमंत्री ने अपने परिवार के साथ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना भी की। इसके अलावा, रेवंत रेड्डी ने संयुक्त आदिलाबाद जिले में कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी।
इन परियोजनाओं में अडेगामा गांव, बोथ निर्वाचन क्षेत्र में ‘यंग इंडिया’ एकीकृत गुरुकुलम स्कूल (Gurukulam School) के निर्माण की आधारशिला (अनुमानित लागत: 200 करोड़ रुपए), पोचेरा गांव, बोथ मंडल में एक उन्नत प्रौद्योगिकी केंद्र के निर्माण की आधारशिला (अनुमानित लागत: 45.15 करोड़), श्री नागोबा मंदिर के विकास और सौंदर्यीकरण परियोजना की आधारशिला (अनुमानित लागत: 20.10 करोड़), आदिलाबाद निर्वाचन क्षेत्र में तेलंगाना अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय और जूनियर कॉलेज (बालिका) भवन का उद्घाटन (अनुमानित लागत: 20 करोड़), सिरिकोंडा मंडल के कोंडापुर गांव में एक नवनिर्मित पुल का उद्घाटन (अनुमानित लागत: 13.46 करोड़), उत्नूर, खानापुर निर्वाचन क्षेत्र में एक नए आईटीडीए भवन के निर्माण की आधारशिला (15.00 करोड़) रखी।
आदिलाबाद जिले में कई विकास परियोजनाओं की नींव रखीं गई
बोथ निर्वाचन क्षेत्र में इचोडा रोड को डेडरा गांव से जोड़ने वाली सड़क के निर्माण की आधारशिला (अनुमानित लागत: 30.00 करोड़) शामिल हैं। इसी तरह, मुख्यमंत्री ने आदिलाबाद निर्वाचन क्षेत्र के ज़ैनाथ में महात्मा ज्योतिबा फुले तेलंगाना पिछड़ा वर्ग गुरुकुल विद्या स्कूल (बालकों के लिए) भवन का उद्घाटन (अनुमानित लागत: 20.00 करोड़ रुपये), आदिलाबाद नगर पालिका में 38 विभिन्न प्रकार के विकास कार्यों की आधारशिला (अनुमानित लागत: 30 करोड़ रुपये), बोथ निर्वाचन क्षेत्र के धन्नूर, कुप्ती और कुचलापुर में (3) 33/11 केवी पावर सब-स्टेशनों के निर्माण की आधारशिला (अनुमानित लागत: 8.99 करोड़ रुपये)
बोथ निर्वाचन क्षेत्र में पिपरी लिफ्ट योजना की आधारशिला (अनुमानित लागत: 50.70 करोड़ रुपये), खानापुर निर्वाचन क्षेत्र के इंद्रावेली मंडल में मुतनूर लघु लिफ्ट सिंचाई (त्रिवेणी संगम) योजना की आधारशिला (अनुमानित लागत: 65.85 करोड़ रुपये), आदिलाबाद निर्वाचन क्षेत्र के लांडासांगी में चेक डैम निर्माण की आधारशिला (अनुमानित लागत: 6.435 करोड़ रुपये), खानापुर निर्वाचन क्षेत्र के सिरिकोंडा मंडल में चिक मान वागु परियोजना के निर्माण की आधारशिला (अनुमानित लागत: 31.52 करोड़ रुपये) और कोमुरम भीम आसिफाबाद जिले के केरामेरी मंडल में अम्मानमदुगु वागु परियोजना के मरम्मत कार्यों की आधारशिला (अनुमानित लागत: 11.76 करोड़ रुपये) रखी।
सरस्वती मंदिर क्या है?
आमतौर पर यह ऐसा धार्मिक स्थल होता है जहां मां सरस्वती की पूजा की जाती है। उन्हें ज्ञान, विद्या और कला की देवी माना जाता है। ऐसे मंदिरों में विद्यार्थी और भक्त विशेष रूप से शिक्षा और बुद्धि की कामना के लिए पूजा करते हैं। बसंत पंचमी जैसे अवसरों पर यहां विशेष पूजा और आयोजन भी किए जाते हैं।
सरस्वती का पावन मंदिर किसे कहा गया है?
सांकेतिक रूप से विद्यालय या शिक्षण संस्थान को “सरस्वती का पावन मंदिर” कहा जाता है। इसका अर्थ है कि जहां ज्ञान और शिक्षा दी जाती है, वह स्थान देवी सरस्वती का निवास माना जाता है। इसलिए स्कूल, कॉलेज और गुरुकुल को इस नाम से सम्मानपूर्वक संबोधित किया जाता है।
सरस्वती विद्या मंदिर के संस्थापक कौन थे?
इस प्रकार के विद्यालयों की स्थापना विद्या भारती संस्था द्वारा की गई है। इसके पीछे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े शिक्षा प्रेमियों का योगदान रहा है। सरस्वती विद्या मंदिर देशभर में चलने वाले स्कूलों का एक नेटवर्क है, जिसका उद्देश्य भारतीय संस्कृति और आधुनिक शिक्षा का समन्वय करना है।
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