हैदराबाद। तेलंगाना के श्रम मंत्री डा. जी. विवेक वेंकटस्वामी (Dr. G. Vivek Venkataswamy) ने विद्यार्थियों को नए कौशल और आधुनिक तकनीकी ज्ञान अर्जित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह उन्हें उज्जवल भविष्य और बेहतर करियर अवसर सुनिश्चित करेगा। मंत्री यह बातें एक इंजीनियरिंग कॉलेज, घटकेसर में एसएपी कोड इनोवेशन 2025–26 कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कही। इस अवसर पर कॉलेज में स्थापित एसएपी कोड इनोवेशन कक्ष का भी उद्घाटन किया गया। डा. विवेक वेंकटस्वामी (Dr. Vivek Venkataswamy) ने विद्यार्थियों को जीवन में सफलता पाने के लिए अनुशासन, अध्ययन में पूरी एकाग्रता और निष्ठा का महत्व बताया।
किसी भी कार्य को ईमानदारी और पूर्ण समर्पण के साथ करना चाहिए
अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य को ईमानदारी और पूर्ण समर्पण के साथ करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वैश्विक तकनीक तेजी से बदल रही है और विद्यार्थियों को इसे अपनाना चाहिए, न कि डरना चाहिए। कॉलेज प्रमुख कोम्मुरी प्रताप रेड्डी ने मंत्री का धन्यवाद किया और कार्यक्रम के महत्व को उजागर किया। कार्यक्रम में विभिन्न संस्थानों के विद्यार्थियों को एसएपी कोड इनोवेशन में भाग लेने के प्रमाणपत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष पावनी जांगैया, जिला कांग्रेस नेता महेश गौड़, कॉलेज प्रबंधन, शिक्षकगण, विद्यार्थी और स्थानीय गणमान्य उपस्थित रहे।
कौशल का मतलब क्या होता है?
किसी काम को सही तरीके से, दक्षता और समझदारी के साथ करने की क्षमता को कौशल कहा जाता है। जब कोई व्यक्ति अभ्यास और अनुभव के माध्यम से किसी कार्य को अच्छी तरह करने लगता है, तो उसे उसका कौशल माना जाता है। यह क्षमता पढ़ाई, प्रशिक्षण और अनुभव से विकसित होती है और व्यक्ति को अपने कार्य में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करती है।
कौशल की परिभाषा क्या है?
किसी कार्य को प्रभावी, सटीक और कुशल तरीके से करने की योग्यता को कौशल की परिभाषा कहा जाता है। यह व्यक्ति की वह क्षमता होती है जो अभ्यास, शिक्षा और अनुभव के माध्यम से विकसित होती है। कौशल के कारण व्यक्ति किसी काम को कम समय में और बेहतर परिणाम के साथ पूरा कर सकता है। इसलिए जीवन और रोजगार दोनों में कौशल का बहुत महत्व होता है।
कौशल कितने प्रकार के होते हैं?
सामान्य रूप से कौशल को कई प्रकारों में बांटा जाता है। मुख्य रूप से तकनीकी कौशल, संचार कौशल, प्रबंधन कौशल, रचनात्मक कौशल और सामाजिक कौशल जैसे प्रकार माने जाते हैं। तकनीकी कौशल किसी विशेष काम से जुड़ा होता है, जबकि संचार कौशल लोगों से बातचीत और जानकारी साझा करने की क्षमता से संबंधित होता है। अलग-अलग क्षेत्रों में काम के अनुसार कौशल के प्रकार भी अलग हो सकते हैं।
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