हैदराबाद। जीएचएमसी कमिश्नर आर.वी. कर्णन (R.V. Karnan) ने शहर में कचरा प्रबंधन और सफाई मानकों को कड़ा करने का निर्देश देते हुए कहा है कि सभी प्रमुख सड़कों को प्रतिदिन सुबह 9.30 बजे तक पूरी तरह साफ रखा जाए। बुधवार को जीएचएमसी मुख्यालय में सफाई समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कमिश्नर ने राज्य सरकार के 99-दिन के ‘प्रजा पालना – प्रगति प्रणालीका’ कार्यक्रम को पूरी गंभीरता से लागू करने पर जोर दिया और अधिकारियों को इसके उद्देश्यों और लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए। आर.वी. कर्णन ने चेताया कि मुख्य सड़कों पर सफाई में किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर संबंधित डिप्टी कमिश्नर (Deputy Commissioner) और अन्य के खिलाफ कार्रवाई होगी।
प्रमुख सड़कों पर सुबह 10 बजे के बाद कोई सफाई गतिविधि दिखाई नहीं देनी चाहिए
उन्होंने कहा कि प्रमुख सड़कों पर सुबह 10 बजे के बाद कोई सफाई गतिविधि दिखाई नहीं देनी चाहिए, ताकि बेहतर योजना और समय पर कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। कमिश्नर ने जिम्मेदारी पर जोर देते हुए कहा कि सफाई का प्राथमिक दायित्व डिप्टी कमिश्नर पर है। इसके अलावा, हरित कचरे (ग्रीन वेस्ट) की सफाई अब एसडब्लूएम विंग की जिम्मेदारी होगी। उन्होंने निर्माण और विध्वंस कचरे, लंबित कचरा और ग्रीन वेस्ट की शीघ्र सफाई के लिए अतिरिक्त वाहन उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया। साथ ही सफाई कर्मचारियों के वेतन समय पर भुगतान सुनिश्चित करने पर भी बल दिया। बैठक में अतिरिक्त कमिश्नर (सफाई) रवि किरण, ज़ोनल कमिश्नर प्रियांका आला, मंडा मकरंद, मुकुंद रेड्डी के साथ डिप्टी कमिश्नर आदि उपस्थित रहे।
जीएचएमसी से आप क्या समझते हैं?
यह हैदराबाद शहर की नगर निगम संस्था है, जिसे Greater Hyderabad Municipal Corporation कहा जाता है। इसका कार्य शहर में सफाई, सड़क निर्माण, जल निकासी, स्ट्रीट लाइट, भवन अनुमति और अन्य शहरी सेवाओं का प्रबंधन करना है। यह संस्था शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए जिम्मेदार होती है। जीएचएमसी शहरी प्रशासन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो लाखों लोगों की दैनिक जरूरतों को पूरा करता है।
ग्रेटर हैदराबाद क्या है?
यह हैदराबाद शहर और उसके आसपास के कई क्षेत्रों को मिलाकर बना एक बड़ा शहरी क्षेत्र है, जिसे प्रशासनिक रूप से Greater Hyderabad Municipal Corporation के अंतर्गत लाया गया है। इसका गठन शहर के विस्तार और बेहतर प्रशासन के उद्देश्य से किया गया था। इसमें कई उपनगर और आसपास के इलाके शामिल हैं, जिससे यह दक्षिण भारत के बड़े महानगरों में गिना जाता है और आर्थिक व आईटी गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है।
चल रही जीएचएमसी परियोजनाएं क्या हैं?
इस संस्था के अंतर्गत कई विकास परियोजनाएं चल रही हैं, जिनका उद्देश्य शहर की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है। प्रमुख परियोजनाओं में सड़क चौड़ीकरण, फ्लाईओवर निर्माण, जल निकासी सुधार, झीलों का पुनर्विकास और स्वच्छता अभियान शामिल हैं। इसके अलावा स्मार्ट सिटी पहल, हरित क्षेत्र बढ़ाने और ट्रैफिक प्रबंधन सुधारने के लिए भी योजनाएं लागू की जा रही हैं। इन परियोजनाओं से शहर को आधुनिक और रहने योग्य बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
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