Crime : साइबर अपराध पर बड़ी कार्रवाई, 117 मामले दर्ज

By Ajay Kumar Shukla | Updated: February 8, 2026 • 11:14 PM

71.91 लाख की राशि पीड़ितों को वापस दिलाई गई

हैदराबाद। साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन (Cyber ​​Crime Police Station), हैदराबाद ने जनवरी 2026 के दौरान साइबर अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए 117 एफआईआर दर्ज की हैं। विशेष अभियानों के तहत पुलिस ने 7 राज्यों से 37 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो 26 मामलों में संलिप्त पाए गए। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, क्राइम्स एवं एसआईटी (SIT), हैदराबाद सिटी, एम. श्रीनिवासुलु के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की संलिप्तता देशभर में 86 साइबर अपराध मामलों में पाई गई है और उनके बैंक खातों में करीब 65 करोड़ रुपये के लेनदेन का पता चला है। कार्रवाई के दौरान 71,91,371 की राशि सफलतापूर्वक पीड़ितों को वापस दिलाई गई।

ज़ोनल साइबर सेल्स को 1706 एनसीआरपी याचिकाएं प्राप्त

अपराध के प्रकारों में निवेश धोखाधड़ी 15, डिजिटल अरेस्ट 2, सोशल मीडिया अपराध 4, बिजनेस फ्रॉड 1, गेमिंग फ्रॉड 1, जॉब फ्रॉड 3 के तीन मामले शामिल है। जनवरी 2026 में ज़ोनल साइबर सेल्स को 1706 एनसीआरपी याचिकाएं प्राप्त हुईं, जिनमें से 315 एफआईआर दर्ज की गईं। यह वृद्धि सी-मित्र पहल के कारण हुई है। ज़ोनल साइबर सेल ने देशभर में 13 मामलों में 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर 10,65,003 की राशि पीड़ितों को वापस दिलाई। महत्वपूर्ण मामलों में एक हैदराबाद निवासी युवक की शिकायत पर दर्ज मामले में सामने आया कि एक महिला ने खुद को यूके स्थित एज़्योर डेवऑप्स इंजीनियर बताकर मैट्रिमोनियल वेबसाइट के जरिए संपर्क किया।

2,663 का फर्जी मुनाफा दिखाकर बनाया गया भरोसा

महिला ने पीड़ित का विश्वास जीतकर उसे बिट‍्क्वाइन नामक क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म में निवेश के लिए प्रेरित किया। शुरुआत में 2,663 का फर्जी मुनाफा दिखाकर भरोसा बनाया गया। बाद में पीड़ित से यूपीआई, बैंक ट्रांसफर और बाइनेंस यूएसडीटी के जरिए 11,20,500 की रकम निवेश करवाई गई। जब पीड़ित ने राशि निकालने का प्रयास किया, तो उसे और पैसा लगाने के लिए दबाव डाला गया।

कुल मिलाकर पीड़ित को 11,17,834 का नुकसान हुआ। इस मामले में अपराध संख्या 2085/2025 के तहत आईटी एक्ट और बीएनएस की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया। पुलिस ने गज्जुवाका (आंध्र प्रदेश) निवासी दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 5 मोबाइल फोन और 10 सिम कार्ड जब्त किए हैं। साइबर क्राइम पुलिस ने आम जनता से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा है कि ठग लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठग रहे हैं।

साइबर क्राइम में शिकायत कैसे करें?

तरीके के रूप में साइबर क्राइम की शिकायत ऑनलाइन पोर्टल, नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर सेल में की जा सकती है। शिकायत करते समय मोबाइल नंबर, बैंक विवरण, ट्रांजेक्शन आईडी, स्क्रीनशॉट और घटना की पूरी जानकारी देना जरूरी होता है। समय पर शिकायत करने से पैसा रिकवर होने और अपराधी तक पहुंचने की संभावना बढ़ जाती है।

1930 पर कॉल करने पर क्या होता है?

जानकारी के अनुसार 1930 पर कॉल करने से आपकी शिकायत सीधे राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन तक पहुंचती है। यहां ऑपरेटर आपकी पूरी घटना सुनकर बैंक, वॉलेट या संबंधित संस्था को अलर्ट करता है। अगर तुरंत सूचना दी जाए तो फ्रॉड की रकम को होल्ड या फ्रीज कराया जा सकता है, जिससे नुकसान कम होने की संभावना रहती है।

साइबर अपराध में कौन सी धारा लगती है?

कानूनी तौर पर साइबर अपराध में आईटी एक्ट 2000 की धारा 43, 66C, 66D, 66E और 67 लग सकती हैं। इसके अलावा धोखाधड़ी, धमकी या जालसाजी के मामलों में भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 406, 468 भी लागू होती है। अपराध की प्रकृति के अनुसार सजा और जुर्माना तय किया जाता है।

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