हैदराबाद। सोशल मीडिया (Social Media) पर इन दिनों एआई प्रोजेक्ट के नाम पर एक बेहद आकर्षक आय का घोटाला फैलाया जा रहा है। विज्ञापन में दावा किया जा रहा है कि केवल 22,000 रुपये का निवेश करने पर हर महीने 18,50,000 रुपये की भारी कमाई होगी, जो सीधे बैंक खाते में जमा होगी। घोटालेबाज (Scammers) केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की तस्वीर दिखाकर यह झूठा दावा कर रहे हैं कि यह एआई प्रोजेक्ट के तहत भारी आय के लिए उनकी व्यक्तिगत गारंटी है।
ठग कुछ नामी बैंकों और अखबारों के नाम का भी इस्तेमाल कर रहे
इसके अलावा, वे नारायण मूर्ति (इन्फोसिस), सुंदर पिचाई और सुधा मूर्ति जैसे प्रतिष्ठित लोगों की तस्वीरें भी यह कहकर दिखा रहे हैं कि वे इस परियोजना से जुड़े हैं। ठग कुछ नामी बैंकों और अखबारों के नाम का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। उनका दावा है कि छोटी राशि निवेश करने के अगले ही दिन से आय शुरू हो जाएगी प्रतिदिन 79,878 रुपये और मासिक न्यूनतम 18,50,000 रुपये। पुलिस ने विज्ञापन में कुछ लोगों के बयान भी दिखाए जा रहे हैं, जो दावा करते हैं कि उन्हें कम निवेश में बड़ी रकम मिली और वे गरीब पृष्ठभूमि से अमीर बन गए। ऐसे लुभावने प्रस्तावों से सावधान रहें।
एआई प्रोजेक्ट क्या है?
कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर आधारित एआई प्रोजेक्ट ऐसा कार्य होता है, जिसमें मशीनों को डेटा के माध्यम से सीखने, निर्णय लेने और समस्याएँ हल करने के लिए विकसित किया जाता है। इसमें चैटबॉट, फेस रिकग्निशन, भाषा अनुवाद, सिफारिश प्रणाली और ऑटोमेशन जैसे व्यावहारिक समाधान बनाए जाते हैं।
एआई के जनक कौन थे?
जॉन मैकार्थी को एआई का जनक माना जाता है। उन्होंने 1956 में पहली बार “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस” शब्द का प्रयोग किया था और मशीनों में मानव जैसी बुद्धि विकसित करने की अवधारणा प्रस्तुत की, जिससे यह क्षेत्र एक स्वतंत्र वैज्ञानिक अनुशासन के रूप में उभरा।
AI कोर्स की फीस कितनी होती है?
भारत में एआई कोर्स की फीस संस्थान और अवधि पर निर्भर करती है। ऑनलाइन बेसिक कोर्स लगभग 10,000 से 50,000 रुपये तक होते हैं, जबकि डिप्लोमा या प्रोफेशनल प्रोग्राम 1 लाख से 5 लाख रुपये या उससे अधिक तक हो सकते हैं।
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