हैदराबाद। हैदराबाद पुलिस की कमिश्नर टास्क फोर्स (गोलकुंडा ज़ोन) और मेहदीपटनम पुलिस (Mehdipatnam Police) ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एमडीएमए ड्रग्स से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में एक मुख्य ड्रग पेडलर, तीन सब-पेडलर और चार उपभोक्ताओं सहित कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 137.60 ग्राम एमडीएमए ड्रग, एक कार, पैकिंग सामग्री (Packing Materials) और 9 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जब्त संपत्ति की कुल अनुमानित कीमत 26,80,500 रुपये बताई गई है। गिरफ्तार मुख्य आरोपी एम. शुभम कुमार मिश्रा (19) बताया गया है, जो इस पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा था। उसके साथ सोहम नायक उर्फ जित्तू (19), कलंगी राजेश (28) और मंथुन कुमार (22) को सब-पेडलर के रूप में गिरफ्तार किया गया है।
गांजा और एमडीएमए का सेवन करता था मुख्य आरोपी शुभम कुमार मिश्रा
वहीं, मोहम्मद अबरार अलजामा (26), राशिद बिन हुसैन (28), खाजा जोहेबुद्दीन (27) और अब्दुल शैबाज (24) को उपभोक्ता के रूप में पकड़ा गया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि मुख्य आरोपी शुभम कुमार मिश्रा अपने बचपन के मित्र साई निखिल यादव उर्फ साई के संपर्क में था, जिसके माध्यम से वह पहले गांजा और एमडीएमए का सेवन करता था। बाद में वह इसी नेटवर्क में शामिल होकर ड्रग सप्लाई करने लगा। बताया गया कि साई की गिरफ्तारी के बाद भी शुभम ने अपने साथियों के साथ मिलकर अवैध कारोबार जारी रखा। आरोपी ड्रग्स की आपूर्ति और वितरण के लिए रैपिडो और अन्य डिलीवरी माध्यमों का इस्तेमाल करते थे। सब-पेडलर इन ड्रग्स को छोटे पैकेटों में तैयार कर ग्राहकों को 2000 से 3000 रुपये प्रति ग्राम के हिसाब से बेचते थे।
इस संबंध में मेहदीपटनम पुलिस स्टेशन में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। पुलिस ने युवाओं से नशे से दूर रहने और अभिभावकों से अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने की अपील की है। यह कार्रवाई डीसीपी वैभव रघुनाथ गायकवाड़ (आईपीएस) के पर्यवेक्षण में टास्क फोर्स और मेहदीपटनम पुलिस टीम द्वारा की गई।
ड्रग रैकेट का मतलब क्या होता है?
अवैध नशीले पदार्थों की खरीद, बिक्री, तस्करी या वितरण करने वाले संगठित गिरोह को ड्रग रैकेट कहा जाता है। ऐसे नेटवर्क कई लोगों के समूह द्वारा गुप्त रूप से चलाए जाते हैं और कानून के अनुसार गंभीर अपराध माने जाते हैं। पुलिस और नारकोटिक्स एजेंसियां ऐसे मामलों की जांच और कार्रवाई करती हैं। नशीले पदार्थों का अवैध व्यापार समाज और स्वास्थ्य दोनों के लिए हानिकारक माना जाता है। युवाओं को नशे से दूर रखने और अपराध रोकने के लिए सरकार सख्त कानून लागू करती है।
ड्रग कितने प्रकार के होते हैं?
नशीले पदार्थों को उनके प्रभाव और उपयोग के आधार पर कई प्रकारों में बांटा जाता है। कुछ दवाएं चिकित्सकीय उपयोग में आती हैं, जबकि कुछ का अवैध और हानिकारक उपयोग किया जाता है। सामान्य रूप से इन्हें उत्तेजक, अवसादक, मतिभ्रम पैदा करने वाले और दर्द निवारक समूहों में वर्गीकृत किया जाता है। गलत उपयोग से स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकते हैं। डॉक्टर की सलाह के बिना किसी भी नशीले पदार्थ का सेवन करना खतरनाक माना जाता है।
रैकेट का मतलब क्या होता है?
सामान्य अर्थ में यह किसी संगठित समूह या नेटवर्क को कहा जाता है, जो अक्सर अवैध गतिविधियों में शामिल होता है। कानून और अपराध संबंधी मामलों में यह शब्द गैरकानूनी व्यापार या धोखाधड़ी करने वाले गिरोहों के लिए उपयोग किया जाता है। अलग-अलग संदर्भों में इसका अर्थ बदल सकता है। खेलों में “रैकेट” शब्द टेनिस या बैडमिंटन के उपकरण के लिए भी इस्तेमाल होता है। भाषा और परिस्थिति के अनुसार इसके अलग-अलग अर्थ हो सकते हैं।
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