अवैध गतिविधि होने पर होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई
हैदराबाद। केपीएचबी पुलिस स्टेशन (KPHB Police Station) ने हाउसिंग बोर्ड कम्युनिटी हॉल में दुकानों और व्यापारिक परिसरों के मालिकों के साथ एक बैठक आयोजित की। इस अवसर पर इंस्पेक्टर राजशेखर रेड्डी ने व्यापारियों से कानून का पालन करने और सभी नियमों का ध्यान रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी दुकानें और व्यापारिक परिसरों को जीएचएमसी अनुमति (GHMC permission), ट्रेड लाइसेंस, जीएसटी पंजीकरण, श्रम लाइसेंस और फूड सेफ्टी लाइसेंस होना अनिवार्य है। व्यवसाय केवल अनुमत समय में ही संचालित किए जाने चाहिए।
जुआ गतिविधियाँ होने पर की जाएगी कड़ी कानूनी कार्रवाई
इंस्पेक्टर ने चेतावनी दी कि दुकानों या परिसरों में किसी भी तरह की अवैध गतिविधियाँ या जुआ गतिविधियाँ होने पर कड़े कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रवेश और निकासी क्षेत्रों को कवर करने वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और फुटपाथ या सड़कें व्यावसायिक उपयोग के लिए अवैध रूप से कब्ज़ा न की जाएं। नियमों का पालन न करने वाली दुकानों के लाइसेंस रद्द करने के लिए संबंधित विभागों को पत्र भेजे जाएंगे। बैठक में केपीएचबी पुलिस स्टेशन के अधिकारी और क्षेत्र की दुकानों व व्यापारिक परिसरों के मालिकों ने भाग लिया।
अवैध गतिविधि का अर्थ क्या है?
किसी भी ऐसे कार्य को अवैध गतिविधि कहा जाता है जो कानून के नियमों और प्रावधानों के विरुद्ध किया जाए। इसमें चोरी, धोखाधड़ी, तस्करी, जालसाजी या बिना अनुमति प्रतिबंधित काम करना शामिल हो सकता है। ऐसे कार्य समाज की व्यवस्था और सुरक्षा के लिए हानिकारक माने जाते हैं। कानून के तहत इन पर दंड, जुर्माना या अन्य कानूनी कार्रवाई हो सकती है। नियमों का पालन करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी होती है।
गैरकानूनी गतिविधियां क्या हैं?
वे सभी कार्य जो सरकार द्वारा बनाए गए कानूनों का उल्लंघन करते हैं, गैरकानूनी गतिविधियां कहलाती हैं। उदाहरण के रूप में नशीले पदार्थों का व्यापार, अवैध हथियार रखना, साइबर अपराध, भ्रष्टाचार या हिंसक कृत्य शामिल हैं। ऐसे कार्यों से व्यक्ति और समाज दोनों को नुकसान पहुंचता है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और न्यायालय इन मामलों में जांच और सजा की प्रक्रिया अपनाते हैं।
अवैध निर्माण के खिलाफ शिकायत कैसे करें?
यदि किसी क्षेत्र में बिना अनुमति या नियमों के विरुद्ध निर्माण हो रहा है, तो संबंधित नगर निगम, विकास प्राधिकरण या स्थानीय प्रशासन में लिखित शिकायत दी जा सकती है। ऑनलाइन पोर्टल या हेल्पलाइन के माध्यम से भी सूचना दर्ज कराई जा सकती है। शिकायत में स्थान, निर्माण का विवरण और प्रमाण जैसे फोटो देना उपयोगी होता है। जरूरत पड़ने पर उच्च अधिकारियों या लोक शिकायत प्रकोष्ठ से भी संपर्क किया जा सकता है।
Read Telugu News: https://vaartha.com/
यह भी पढ़ें :