हैदराबाद। थोर्रूर नगरपालिका (Municipality) में चेयरपर्सन और उपाध्यक्ष चुनाव को लेकर बढ़ते विवाद के बीच बीआरएस ने राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। बीआरएस नेताओं ने आरोप लगाया कि वारंगल की सांसद कडियम काव्या ने नियमों का उल्लंघन करते हुए दो स्थानीय निकायों में एक्स-ऑफिसियो सदस्य के रूप में पंजीकरण कराया।
थोर्रूर नगरपालिका में नाम दर्ज कराने पर आपत्ति
सांसद कडियम काव्या ने पहले सांसद के रूप में शपथ लेने के साथ ही वारंगल नगर निगम में एक्स-ऑफिसियो सदस्य के रूप में पंजीकरण कराया था और बाद में थोर्रूर नगरपालिका में भी इसी हैसियत से नाम दर्ज कराया। बीआरएस ने इसे चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए एसईसी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत दर्ज कराने के बाद पार्टी की विधि प्रकोष्ठ सदस्य ललिता रेड्डी ने कहा कि इस प्रकार के पंजीकरण के लिए कानूनन 30 दिनों की अधिसूचना अवधि आवश्यक है, जबकि इस मामले में प्रक्रिया दो दिनों के भीतर पूरी कर दी गई, जिससे सांसद को मतदान करने का अवसर मिल गया।
बीआरएस 9 और कांग्रेस 7 वार्डों में जीती
उन्होंने इसे कानूनी रूप से अस्थिर बताया। हाल ही में हुए थोर्रूर नगरपालिका चुनाव में 16 वार्डों में से बीआरएस ने 9 और कांग्रेस ने 7 वार्डों में जीत दर्ज की थी। बाद में स्थानीय विधायक और सांसद के एक्स-ऑफिसियो मतों को जोड़ने पर स्थिति बराबरी पर आ गई। बीआरएस का आरोप है कि राजनीतिक दबाव के कारण सांसद का पंजीकरण जल्दबाजी में किया गया, जबकि प्रारंभ में अधिकारियों ने आपत्ति जताई थी।
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