मूसी पुनर्जीवन पर जनमत 31 मार्च से 15 अप्रैल तक
हैदराबाद। उपमुख्यमंत्री और मूसी कैबिनेट उप-समिति के अध्यक्ष भट्टी विक्रमार्का ने कहा कि मूसी नदी के पुनर्जीवन कार्य लोकतांत्रिक तरीके से किए जाएंगे। भट्टी विक्रमार्का ने मंगलवार को डॉ. बी.आर. आंबेडकर सचिवालय में अधिकारियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक की, जिसमें मंत्री और मूसी कैबिनेट उप-समिति के सदस्य पोनम प्रभाकर भी उपस्थित थे, ताकि मूसी पुनर्जीवन परियोजना की प्रगति का आकलन किया जा सके। उन्होंने घोषणा की कि मूसी पुनर्जीवन पर जनमत 31 मार्च से 15 अप्रैल तक musirrdc@gmail.com ईमेल आईडी के माध्यम से ऑनलाइन आमंत्रित किए जाएंगे। ऑनलाइन प्राप्त सभी महत्वपूर्ण सुझावों का अधिकारियों के साथ परामर्श कर गहन विश्लेषण किया जाएगा, और उप-समिति के सदस्य सुझाव देने वालों के साथ चरणबद्ध तरीके से सीधे संवाद करेंगे।
ओंकारेश्वर मंदिर के कार्यों के लिए किया गया शिलान्यास
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि 28 मार्च को मूसी नदी के किनारे ओंकारेश्वर मंदिर के कार्यों के लिए शिलान्यास किया गया। उन्होंने अधिकारियों को उस दिन से किए जाने वाले कार्यों के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए, जिसमें मूसी फेज-1 और फेज-2 शामिल होंगे। उन्होंने अधिकारियों को जिम्मेदारियों का विभाजन कर कुशलतापूर्वक आगे बढ़ने की सलाह दी, जिसमें रक्षा भूमि से संबंधित समन्वय, विस्थापित परिवारों से परामर्श, निर्माण डिजाइनों को अंतिम रूप देना और बैंकों के साथ चर्चा शामिल है। भट्टी विक्रमार्का ने अधिकारियों से मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और पूरे मंत्रिमंडल की प्रतिबद्धता को समझते हुए उत्साह के साथ आगे बढ़ने का आग्रह किया और कहा कि यह परियोजना उनके करियर में एक मील का पत्थर साबित होगी।
उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि मूसी उप-समिति के सदस्य अधिकारियों को किसी भी सुझाव या आवश्यकता के लिए चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेंगे। विशेष मुख्य सचिव रंजन, मूसी रिवरफ्रंट डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के एमडी ई.वी. नरसिम्हा रेड्डी, संयुक्त प्रबंध निदेशक गौतमी, अधिकारी विनय कृष्णा रेड्डी और अशोक रेड्डी, कलेक्टर हरिचंदना, नारायण रेड्डी और मनु चौधरी, जीएचएमसी आयुक्त कर्णन तथा अन्य इस बैठक में शामिल हुए।
मूसी नदी के किनारे कौन सा शहर बसा हुआ है?
नदी के किनारे हैदराबाद शहर बसा हुआ है। यह नदी शहर के बीचों-बीच बहती है और ऐतिहासिक रूप से शहर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही है। पुराने समय में इसके किनारे कई महत्वपूर्ण इमारतें और बस्तियां विकसित हुईं। आज भी यह नदी शहर की पहचान का एक प्रमुख हिस्सा मानी जाती है।
मूसी नदी कहां है?
नदी दक्षिण भारत में स्थित है और यह मुख्य रूप से तेलंगाना राज्य में बहती है। इसका उद्गम अनंतगिरि पहाड़ियों से होता है और यह आगे चलकर कृष्णा नदी में मिल जाती है। यह नदी क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है।
मुसी नदी का उपयोग किस लिए किया जाता है?
नदी का उपयोग मुख्य रूप से जल आपूर्ति, सिंचाई और शहरी जरूरतों के लिए किया जाता है। पहले यह पेयजल का महत्वपूर्ण स्रोत थी, लेकिन समय के साथ प्रदूषण बढ़ने से इसका उपयोग सीमित हो गया है। इसके अलावा शहर के जल निकासी (ड्रेनेज) सिस्टम में भी इसका योगदान है। वर्तमान में इसके पुनर्जीवन और सफाई के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि इसका बेहतर उपयोग हो सके।
Read Telugu News: https://vaartha.com/
यह भी पढ़ें :