हैदराबाद। एनएसयूआई (NSUI) के तत्वावधान में, नीट परीक्षा पेपर लीक घोटाले के विरोध में हैदराबाद के टैंक बंड पर एक विशाल मशाल जुलूस निकाला गया। यह जुलूस इंदिरा गांधी की प्रतिमा से शुरू होकर राजीव गांधी की प्रतिमा तक गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व तेलंगाना एनएसयूआईके प्रदेश अध्यक्ष, यादवल्ली वेंकटस्वामी ने किया। इस रैली में एनएसयूआई एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़, एआईसीसी सचिव व तेलंगाना (Telangana) सह प्रभारी सचिन सावंत, सांसद अनिल कुमार यादव, एमएलसी बालमूर वेंकट, खैरताबाद विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार रही विजया रेड्डी और डीसीसी अध्यक्ष दीपक जॉन के साथ-साथ बड़ी संख्या में एनएसयूआई के नेताओं और छात्रों ने हिस्सायू लिया।
पेपर लीक होने के कारण अंधकार में डूब गया भविष्य
इस अवसर पर बोलते हुए, एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इस बात पर गहरा दुख व्यक्त किया कि देश भर में नीट परीक्षा देने वाले 22 लाख छात्रों का भविष्य पेपर लीक होने के कारण अंधकार में डूब गया है। उन्होंने मांग की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री नीट पेपर लीक की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए तत्काल अपने पद से इस्तीफा दें। इसके अलावा, उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार एनटीए को भंग करे और उन छात्रों के परिवारों को 5 करोड़ का मुआवजा दे, जिन्हें आर्थिक नुकसान हुआ है।
MBBS के लिए NEET में कितने मार्क्स चाहिए?
सरकारी मेडिकल कॉलेज में MBBS के लिए सामान्य वर्ग के छात्रों को कम से कम 600 से 650 अंक लाने होते हैं। OBC, SC और ST वर्ग के लिए यह सीमा थोड़ी कम होती है। AIIMS और JIPMER जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के लिए 680 से ऊपर अंक चाहिए। निजी मेडिकल कॉलेजों में 450 से 500 अंकों पर भी प्रवेश मिल सकता है। NEET का कुल पूर्णांक 720 होता है।
नीट 2025 का टॉपर कौन है?
राजस्थान के महेश कुमार ने NEET UG 2025 में सर्वाधिक अंक प्राप्त कर AIR 1 हासिल किया है। उन्होंने 720 में से 686 अंक और 99.9999547 परसेंटाइल प्राप्त की। NTA ने 14 जून 2025 को NEET 2025 का परिणाम आधिकारिक रूप से जारी किया। महिला वर्ग में दिल्ली की अविका अग्रवाल ने AIR 5 हासिल किया और महाराष्ट्र के कृशांग जोशी ने AIR 3 प्राप्त किया।
पेपर लीक होने से क्या होता है?
पेपर लीक होने से पूरी परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता खतरे में पड़ जाती है। मेहनती छात्रों के साथ अन्याय होता है और परीक्षा रद्द या स्थगित होने की संभावना बढ़ जाती है। दोबारा परीक्षा कराने से लाखों छात्रों का समय और पैसा बर्बाद होता है। दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों पर कानूनी कार्रवाई और जेल की सजा हो सकती है। 2024 में NEET पेपर लीक विवाद ने पूरे देश में बड़ा हंगामा खड़ा किया था।
Read Telugu News: https://vaartha.com/
यह भी पढ़ें :