Seed Festival : पर्यावरण की उपेक्षा मानव जीवन के लिए खतरनाक – सुखेंदर रेड्डी

By Ajay Kumar Shukla | Updated: February 8, 2026 • 11:42 PM

पर्यावरण और जैविक कृषि पर ध्यान देने का आह्वान

हैदराबाद। काउंसिल फॉर ग्रीन रिवोल्यूशन और भारत बीज़ स्वराज मंच द्वारा आयोजित तेलंगाना द्वितीय वार्षिक बीज महोत्सव (Seed Festival) का समापन समारोह रंगारेड्डी जिले के कड़ताल मंडल, अन्मासुपल्ली के अर्थ सेंटर में हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में विधान परिषद अध्यक्ष गुत्ता सुखेंदर रेड्डी (Gutta Sukhender Reddy) ने शिरकत की। सुखेंदर रेड्डी ने कहा कि यदि हम पर्यावरण की उपेक्षा करेंगे, तो इसके परिणाम मानव जीवन के लिए खतरनाक होंगे। उन्होंने किसानों और आम जनता से अपील की कि पुराने पारंपरिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर न केवल भूमि और स्वास्थ्य की रक्षा की जा सकती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण भी संभव है।

हमारी जमीन और खेती हमें नहीं दे पाएगी लाभ

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पशुधन और कृषि उत्पादन में वृद्धि नहीं हुई, तो आने वाले पांच वर्षों में हमारी जमीन और खेती हमें लाभ नहीं दे पाएगी। समापन कार्यक्रम में पूर्व आरटीआई कमिश्नर दिलीप रेड्डी की अध्यक्षता रही। साथ ही राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष अचलेन्द्र रेड्डी सहित कई प्रमुख अतिथि मौजूद थे। पद्मश्री पुरस्कार विजेता चिंतल वेंकट रेड्डी ने कहा कि देशी बीजों का ग्रेडिंग और उनका उपयोग प्राकृतिक कृषि में उच्च पैदावार दिला सकता है। नलगोंडा के पूर्व विधायक नंद्याल नरसिंह रेड्डी ने जोर देकर कहा कि देशी बीज राष्ट्रीय संपदा हैं, और उनका व्यापक उपयोग सुनिश्चित करने के लिए योजनाबद्ध सरकारी नीतियां आवश्यक हैं। ये नीतियां सीधे किसानों और जनता के हित में बननी चाहिए।

उत्पादक संघों की इस आंदोलन में बताई अहम भूमिका

एपी मास संस्थापक सीएस रेड्डी ने कहा कि कृषि-संबंधी क्षेत्रों को उचित प्राथमिकता देने से ही प्राकृतिक कृषि पद्धतियों का उपयोग बढ़ेगा। उन्होंने किसानों के उत्पादक संघों की इस आंदोलन में अहम भूमिका बताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि देशी बीजों के उपयोग से मिट्टी और मानव स्वास्थ्य को लाभ होता है और पैदावार घटने का डर केवल भ्रांति है। पर्यावरण विशेषज्ञ दोंती नरसिंह रेड्डी ने कहा कि वर्तमान में देश में हाइब्रिड और देशी बीजों के बीच संघर्ष चल रहा है। कई राज्यों में किसान, कॉर्पोरेट हितों से प्रभावित बीज प्रणालियों के खिलाफ खड़े होकर प्राकृतिक कृषि प्रयास कर रहे हैं। काउंसिल फॉर ग्रीन रिवोल्यूशन की अध्यक्ष लीला लक्ष्मीर रेड्डी ने कहा कि किसानों, वैज्ञानिकों, नीति निर्माताओं और स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से बीज महोत्सव सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। उन्होंने कहा कि लक्ष्य तक पहुंचने के लिए अभी लंबा रास्ता तय करना है और स्पष्ट कार्य योजना के साथ आगे बढ़ेंगे।

बीज महोत्सव 2025 क्या है?

आयोजन के रूप में बीज महोत्सव 2025 किसानों को उन्नत, प्रमाणित और उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराने के लिए आयोजित किया जाने वाला कार्यक्रम है। इसमें कृषि विभाग, बीज कंपनियां और वैज्ञानिक मिलकर किसानों को नई किस्मों की जानकारी देते हैं। इस महोत्सव का उद्देश्य फसल उत्पादन बढ़ाना, बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करना और किसानों को आधुनिक खेती की ओर प्रेरित करना होता है।

भारत की सबसे बड़ी बीज कंपनी कौन सी है?

व्यापारिक स्तर पर भारत की सबसे बड़ी बीज कंपनियों में महिको (Mahyco), नुजिवीडु सीड्स और ताटा समूह से जुड़ी कंपनियां प्रमुख मानी जाती हैं। इनमें महिको का नाम सबसे आगे आता है, जो कपास, मक्का और सब्जियों के बीजों के लिए प्रसिद्ध है। यह कंपनी अनुसंधान, गुणवत्ता और बड़े पैमाने पर बीज उत्पादन के लिए जानी जाती है।

मुख्यमंत्री खाद बीज अनुदान योजना क्या है?

योजना के तौर पर मुख्यमंत्री खाद बीज अनुदान योजना किसानों को रियायती दरों पर खाद और बीज उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई है। इसके तहत सरकार बीज और उर्वरक की कीमत पर सब्सिडी देती है, जिससे खेती की लागत कम होती है। यह योजना छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता देकर कृषि उत्पादन और आय बढ़ाने में मदद करती है।

Read Telugu News: https://vaartha.com/

यह भी पढ़ें :

#Breaking news #HindiNews #LatestNews Environmental Protection Green revolution council Sustainable agriculture Telangana seed festival Traditional farming