हैदराबाद । पूर्व सांसद (Former MP) और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वी. हनुमंत राव ने सभी राजनीतिक दलों से तेलंगाना में पिछड़ा वर्ग आरक्षण लागू करने के समर्थन में एकजुट (Political Unity) होने का आग्रह किया।
पिछड़ा वर्ग आरक्षण विधेयक पारित करने का यह सही समय : हनुमंत राव
गांधी भवन में एक मीडिया ब्रीफिंग में, उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि संसद के लिए पिछड़ा वर्ग आरक्षण विधेयक पारित करने का यह सही समय है। उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि कांग्रेस के राहुल गांधी और मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी जैसे नेता इस पहल के पक्ष में हैं। हनुमंत राव ने कहा, “यहाँ तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो पिछड़ा वर्ग समुदाय से आते हैं, को भी अपना समर्थन देना चाहिए, क्योंकि इससे सभी संबंधित लोगों को लाभ होगा।”
उन्होंने आगे बताया कि राहुल गांधी की पदयात्रा के दौरान, उन्होंने पिछड़े वर्गों के लिए अपनी प्रतिबद्धता दिखाई थी, और पदभार ग्रहण करने के बाद, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी विभिन्न पिछड़ा वर्ग आरक्षण पहलों पर सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।
तेलंगाना पिछड़ा वर्ग विधेयक संसद में पेश किया जाना चाहिए
उन्होंने कहा, “वर्तमान में आरक्षण का मामला अदालत में लंबित है। तेलंगाना विधेयक संसद में पेश किया जाना चाहिए और उसे 9वीं अनुसूची में शामिल किया जाना चाहिए। भाजपा नेताओं और सांसदों को प्रधानमंत्री से आरक्षण लागू करने का आग्रह करना चाहिए।”
पिछड़ा वर्ग को कितना आरक्षण है?
भारत में केंद्र सरकार की नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में OBC (Other Backward Classes) को 27% आरक्षण दिया गया है। यह आरक्षण केंद्रीय स्तर पर लागू है।
राज्यों में यह प्रतिशत अलग-अलग हो सकता है — कुछ राज्यों में यह 27% से ज्यादा या कम भी है।
Obc जाति में कौन-कौन आते हैं?
OBC (Other Backward Classes) की सूची राज्यवार और केंद्र सरकार द्वारा तय की जाती है।
आम तौर पर इनमें वे जातियाँ शामिल हैं जिन्हें सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़ा माना गया है।
ओबीसी को 27% आरक्षण किसने दिया?
ओबीसी को 27% आरक्षण वी. पी. सिंह सरकार ने 1990 में मंडल आयोग (Mandal Commission) की सिफारिशों को लागू करके दिया था।
- मंडल आयोग की स्थापना 1979 में बी. पी. मंडल की अध्यक्षता में हुई थी।
- आयोग ने सिफारिश की थी कि केंद्र सरकार की नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में OBC को 27% आरक्षण दिया जाए।
- वी. पी. सिंह ने इसे लागू किया, जिससे देशभर में बड़ा आंदोलन हुआ था।
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