News Hindi : तेलंगाना का बिजली क्षेत्र गंभीर संकट में – किशन रेड्डी

By Ajay Kumar Shukla | Updated: December 19, 2025 • 10:52 AM

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री (Union Minister) जी. किशन रेड्डी ने कहा कि तेलंगाना का बिजली क्षेत्र गहरे वित्तीय संकट से गुजर रहा है और राज्य की बिजली उत्पादन व वितरण कंपनियां (Companies) भारी कर्ज और लगातार बढ़ते घाटे के बोझ तले दबी हुई हैं। मीडिया से बातचीत में किशन रेड्डी ने कहा कि खुद तेलंगाना सरकार द्वारा जारी श्वेत पत्र में बिजली क्षेत्र पर 30,000 करोड़ रुपए से अधिक की देनदारियां उजागर हुई हैं। इसके अलावा, राज्य पर सिंगरेणी कोलियरीज कंपनी का लगभग 47,000 करोड़ रुपए बकाया है, जिससे बिजली क्षेत्र लगभग पतन की स्थिति में पहुंच गया है।

आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है : केन्द्रीय मंत्री

उन्होंने कहा, बिजली की मांग हर दिन बढ़ रही है, लेकिन power उपयोगिताओं की आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। हैदराबाद और अन्य इलाकों में मामूली बारिश या हवा चलने पर भी बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है। इसके लिए उन्होंने राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि धन की कमी के कारण पुराने बकाये तक चुकाए नहीं जा रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार बिजली उत्पादन के हर पहलू में तेलंगाना को सहयोग देने के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि नई तकनीक के जरिए पावर केबल सिस्टम को मजबूत किया गया है और वन नेशन–वन ग्रिड व्यवस्था के तहत बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित की गई है। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि केंद्र सरकार एनटीपीसी के माध्यम से 4,000 मेगावाट उत्पादन का निर्णय ले चुकी है

नई वितरण कंपनियां बनाने के बजाय बिजली उत्पादन बढ़ाने पर जोर

किशन रेड्डी ने कहा कि बिजली एक बुनियादी आवश्यकता है और तेलंगाना को वैश्विक हब के रूप में उभरने के लिए विश्वसनीय बिजली आपूर्ति बेहद जरूरी है। उन्होंने नई वितरण कंपनियां बनाने के बजाय power उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि जहां भरोसेमंद power नहीं होगी, वहां उद्योग निवेश नहीं करेंगे। उन्होंने बताया कि आज भी 74 प्रतिशत बिजली उत्पादन थर्मल पावर पर निर्भर है और मोदी सरकार के सत्ता में आने से पहले आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में लगातार बिजली कटौती के दौर को याद किया। विधायकों की अयोग्यता के मुद्दे पर किशन रेड्डी ने तेलंगाना विधानसभा अध्यक्ष गद्दम प्रसाद कुमार के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया और उनसे इस पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया।

जी किशन रेड्डी कौन हैं?

जी. किशन रेड्डी भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री (Union Minister) हैं और वर्तमान में **केंद्रीय कोयला और खान (Coal and Mines) मंत्री के रूप में कार्यरत हैं। वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़े नेता हैं और तेलंगाना के सिकंदराबाद लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं। उन्हें 11 जून 2024 को कोयला एवं खान मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई। इससे पहले वे गृह मंत्रालय, पर्यटन, संस्कृति और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी रहे हैं।

वह राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं। उन्होंने 1977 में युवराज दल (युवा कार्यकर्ता) के रूप में अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की और बाद में 1980 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए। वे तीन बार विधानसभा चुनकर विधायक रहे और बाद में सांसद बने।

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