News Hindi : पंचायत चुनावों के पहले चरण के लिए नामांकन 1 लाख के पार

By Ajay Kumar Shukla | Updated: December 1, 2025 • 5:33 PM

सूर्यापेट में सरपंच पद के लिए सबसे अधिक 1,387 नामांकन

हैदराबाद। तेलंगाना में ग्राम पंचायत चुनावों (Gram Panchayat Elections) के पहले चरण की नामांकन प्रक्रिया शनिवार को समाप्त हो गई। तीन दिनों तक चले इस चरण में सरपंच पदों के लिए 25,654 और वार्ड सदस्य पदों के लिए 82,276 नामांकन (Enrollment) दाखिल किए गए। मतदान 11 दिसंबर को राज्य के 189 मंडलों में स्थित 4,236 पंचायतों और 37,440 वार्डों में एक साथ कराया जाएगा।

पहले चरण में भारी भीड़, बड़े पैमाने पर दाखिल हुए नामांकन

नामांकन के अंतिम दिन विभिन्न जिलों में उम्मीदवार सुबह से ही कतारों में खड़े नजर आए। सूर्यापेट जिले में सरपंच पद के लिए सबसे अधिक 1,387 नामांकन दाखिल हुए, जो पूरे राज्य में सर्वाधिक हैं। इसके बाद विकाराबाद जिले में 262 पंचायतों के लिए 1,383 नामांकन और महबूबाबाद में 1,239 नामांकन प्राप्त हुए। वार्ड सदस्यों के लिए भी उत्साह देखने को मिला। रंगारेड्डी जिले में 1,530 वार्डों के लिए 4,540 नामांकन दाखिल हुए, जबकि विकाराबाद में 2,198 वार्डों के लिए 4,379 नामांकन जमा हुए।

3 दिसंबर को नामांकन वापसी, कई पंचायतों में सर्वसम्मति की स्थिति

राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 3 दिसंबर तय की गई है। अधिकारियों को उम्मीद है कि बड़ी संख्या में दाखिल नामांकनों के चलते उस दिन काफी हलचल रहेगी। कुछ पंचायतों में पहले ही सर्वसम्मति से सरपंच चुने जा चुके हैं।

आयोग ने जिला कलेक्टरों को ऐसे पंचायतों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं जहाँ सर्वसम्मति के दावे किए जा रहे हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी पंचायत में दबाव या जबरदस्ती से सर्वसम्मति कराए जाने की शिकायत मिलती है, तो ऐसे परिणाम स्वीकार नहीं किए जाएँगे। पहले चरण की इस रिकॉर्ड संख्या ने पंचायत चुनावों में बढ़ती राजनीतिक सक्रियता और ग्रामीण स्तर पर जनभागीदारी को एक बार फिर रेखांकित किया है।

पहले चरण के पंचायत चुनावों में नामांकन इतनी बड़ी संख्या में क्यों पहुँचे?

पहले चरण के पंचायत चुनावों में नामांकन इसलिए रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचे क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय नेतृत्व की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। सरपंच और वार्ड सदस्य पदों को विकास कार्यों, योजनाओं के क्रियान्वयन और स्थानीय प्रभाव से जोड़कर देखा जाता है। इसलिए अधिक लोग चुनावी मैदान में उतरे।

नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 3 दिसंबर क्यों महत्वपूर्ण मानी जा रही है?

नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 3 दिसंबर महत्वपूर्ण है क्योंकि बड़ी संख्या में दाखिल हुए नामांकनों के कारण उसी दिन चुनावी तस्वीर साफ होगी। कई उम्मीदवार रणनीतिक कारणों से नाम वापस लेते हैं, जिससे वास्तविक मुकाबला तय होता है। अधिकारियों को उम्मीद है कि उस दिन काफी हलचल और बदलाव देखने को मिलेंगे।

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