Operation Crackdown : साइबर अपराध नेटवर्क तोड़ने के लिए ‘ऑपरेशन क्रैकडाउन’ शुरू

By Ajay Kumar Shukla | Updated: February 26, 2026 • 8:55 AM

विशेष रूप से म्यूल बैंक खातों की जांच की गई

हैदराबाद। तेलंगाना पुलिस ने बुधवार को ‘ऑपरेशन क्रैकडाउन (Operation Crackdown)’ शुरू किया, जो राज्यभर में साइबर अपराध नेटवर्क को निशाना बनाने और इसे तोड़ने के लिए चलाया जा रहा है। यह विशेष अभियान तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो (TGCSB) द्वारा तैयार किया गया है और आने वाले महीनों में जिले और कमिश्नरेट्स के सहयोग से चरणबद्ध तरीके से संपन्न होगा। आज के पहले चरण में राज्य के 16 जिलों/यूनिट्स में विशेष रूप से म्यूल बैंक खातों की जांच की गई। टीजीसीएसबी के आंकड़ों के अनुसार 2025 में राज्य में कुल 4775 म्यूल खाते संचालित हुए थे। आज की कार्रवाई में 137 बैंक शाखाओं में खुले 1888 संदिग्ध म्यूल खातों की जांच की जा रही है। ये खाते पूरे देश में 9431 अपराध लिंक से जुड़े हैं, जिनमें 782 लिंक केवल तेलंगाना के हैं।

बैंक कर्मचारियों और एजेंट नेटवर्क की मिलीभगत की आशंका

पुलिस की इस कार्रवाई में 137 पुलिस टीमों में 512 अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे। 137 बैंक शाखाओं का निरीक्षण कर संदिग्ध खाताधारकों के केवाईसी विवरण एकत्र किए गए। प्रारंभिक जांच में पता चला कि कई शाखाओं में सैकड़ों म्यूल खाते संचालित हैं, जिससे बैंक कर्मचारियों और एजेंट नेटवर्क की मिलीभगत की आशंका है। उदाहरण के लिए, सुल्तान बाजार, हैदराबाद से संचालित एक खाते का संबंध 496 अलग-अलग अपराध शिकायतों से पाया गया। सूर्यापेट जिले में चार बैंक शाखाओं में कुल 298 खाते विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े पाए गए। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ छोटे बैंक, जिनके पास आरटीजीएस संचालन की तकनीकी क्षमता नहीं है, राष्ट्रीय बैंकों के आरटीजीएस का इस्तेमाल कर रहे हैं, और खाताधारकों की पर्याप्त सत्यापन प्रक्रिया नहीं होने के कारण अपराधी इसका दुरुपयोग कर रहे हैं।

अपराध नेटवर्क को तोड़ने के लिए अपनाया जाएगा कड़ा रुख

ऑपरेशन क्रैकडाउन अगले कुछ महीनों में खाताधारकों का प्रोफाइलिंग, वित्तीय ट्रेल का विश्लेषण और कड़ी कानूनी कार्रवाई के साथ जारी रहेगा। तेलंगाना पुलिस ने कहा कि राज्य में साइबर फाइनेंशियल फ्रॉड रोकने और अपराध नेटवर्क को तोड़ने के लिए कड़ा रुख अपनाया जाएगा। डीजीपी ने टीजीसीएसबी और इसकी निदेशक शिखा गोयल की सराहना की और इसे अगले महीनों में राज्य में साइबर अपराध नेटवर्क को तोड़ने के लिए फ्लैगशिप ऑपरेशन बताया।

साइबर क्राइम की ऑनलाइन शिकायत कैसे करें?

ऑनलाइन धोखाधड़ी या साइबर अपराध की शिकायत भारत सरकार के National Cyber Crime Reporting Portal पर की जा सकती है। पोर्टल पर जाकर “Report Cyber Crime” विकल्प चुनें, मोबाइल नंबर से लॉगिन करें और घटना से संबंधित विवरण भरें। बैंक फ्रॉड की स्थिति में लेनदेन की जानकारी, स्क्रीनशॉट और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करना जरूरी होता है। शिकायत दर्ज होने के बाद आपको एक रसीद या संदर्भ नंबर दिया जाता है।

Top 5 साइबर क्राइम क्या है?

आम तौर पर प्रमुख ऑनलाइन अपराधों में बैंकिंग या यूपीआई फ्रॉड, फिशिंग ईमेल/मैसेज, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग, पहचान चोरी (Identity Theft) और ऑनलाइन ब्लैकमेल शामिल हैं। इसके अलावा फर्जी निवेश योजनाएं और ओटीपी धोखाधड़ी के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। जागरूकता और सतर्कता से इन अपराधों से बचाव संभव है।

1930 पर कॉल करने से क्या होता है?

यह भारत में साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर है। इस नंबर पर तुरंत कॉल करने से संबंधित बैंक और एजेंसियों को सूचना दी जाती है, ताकि संदिग्ध लेनदेन को रोका जा सके। त्वरित सूचना देने पर कई मामलों में धनराशि फ्रीज या वापस दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।

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