हैदराबाद। बीआरएस कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामाराव (K.T. Rama Rao) ने ग्राम पंचायत चुनावों के पहले चरण में अपनी पार्टी के सरपंच और वार्ड सदस्य विजेताओं को बधाई दी है। शुक्रवार को जारी बयान में केटीआर ने कहा कि नतीजे स्पष्ट संकेत हैं कि जनता कांग्रेस सरकार (Congress government) और मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के खराब नेतृत्व को नकार रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावों के दौरान कांग्रेस की ओर से हिंसा और हत्याएँ हुईं, लेकिन इसके बावजूद बीआरएस कार्यकर्ताओं ने साहस के साथ मुकाबला किया और जीत हासिल की।
वहाँ भी कांग्रेस 44 प्रतिशत सीटें नहीं जीत सकी
उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में स्वयं मुख्यमंत्री ने प्रचार किया, वहाँ भी कांग्रेस 44 प्रतिशत सीटें नहीं जीत सकी, जो जनता के रोष को दर्शाता है। केटीआर ने कहा कि ग्रामीण मतदाता रेवंत रेड्डी की दो साल की विफलताओं से निराश हैं और यह साबित हो रहा है कि तेलंगाना में बीआरएस ही वास्तविक विकल्प है, भाजपा नहीं। उन्होंने सरकार पर पेंशन, महालक्ष्मी योजना, एक तोला सोना, किसानों को यूरिया, बोनस और फसल खरीद जैसी वादाखिलाफी का आरोप लगाया।
अब बिगड़ चुकी है स्वच्छता व्यवस्था
उन्होंने कहा कि बीआरएस शासन के 10 वर्षों में बनी ग्रामीण सड़कें और स्वच्छता व्यवस्था अब बिगड़ चुकी है। जनता को छह गारंटियों के झूठ याद हैं और यह नतीजे कांग्रेस के बड़े पतन की शुरुआत हैं। केटीआर ने दावा किया कि आगामी चुनावों में आदिलाबाद से आलमपुर तक बीआरएस का गुलाबी झंडा लहराएगा।
केटी रामाराव कौन थे?
केटी रामाराव, जिन्हें केटीआर कहा जाता है, तेलंगाना की प्रमुख राजनीतिक हस्ती हैं। वे भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष और राज्य के पूर्व आईटी, उद्योग व नगर प्रशासन मंत्री रह चुके हैं। वे पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के पुत्र हैं।
के रामा राव कौन है?
के. रामा राव का नाम भारतीय राजनीति में अलग-अलग व्यक्तियों के लिए प्रयुक्त होता है, लेकिन तेलंगाना संदर्भ में यह आमतौर पर केटी रामाराव के लिए बोला जाता है। वे आधुनिक तकनीक, निवेश और शहरी विकास को बढ़ावा देने वाले नेता के रूप में पहचाने जाते हैं।
एनटी रामा राव की जाति क्या है?
एन.टी. रामा राव, जिन्हें एनटीआर कहा जाता है, तेलुगु सिनेमा के महान अभिनेता और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री थे। वे तेलुगु देशम पार्टी के संस्थापक रहे। सामाजिक रूप से उन्हें कम्मा समुदाय से संबंधित माना जाता है और राजनीति में उनका प्रभाव व्यापक रहा।
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