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Crime : मल्काजगिरि में साइबर अपराधियों पर पुलिस का शिकंजा

Author Icon By Ajay Kumar Shukla
Updated: May 23, 2026 • 6:47 PM
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हैदराबाद। तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों (Cyber Crime) पर मल्काजगिरि कमिश्नरेट की साइबर क्राइम पुलिस ने कड़ा प्रहार किया है। पुलिस ने आधुनिक तकनीक की मदद से देशभर में फैले साइबर ठगों के नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए बीते एक सप्ताह (17 मई से 23 मई) के दौरान पांच बड़े साइबर धोखाधड़ी मामलों का खुलासा किया। इन मामलों में शामिल सात आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान न केवल आरोपियों को पकड़ा, बल्कि पीड़ितों को राहत दिलाते हुए अदालत के माध्यम से कुल 23.30 लाख रुपये की राशि रिकवर कर वापस भी कराई। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार (arrest) आरोपी साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले “म्यूल अकाउंट” ऑपरेटर हैं, जिनके जरिए देशभर में ऑनलाइन ठगी की रकम ट्रांसफर की जाती थी।

बैंक खाते से बिना जानकारी उड़ाए 2.17 करोड़ रुपये

पुलिस द्वारा सुलझाए गए पांच मामलों में तीन निवेश धोखाधड़ी से जुड़े थे। इसके अलावा एक मामला “डिजिटल अरेस्ट” और एक मामला बैंक खातों से अनधिकृत लेनदेन से संबंधित था। सूर्यापेट क्षेत्र में जांच के दौरान पुलिस ने पंडिती क्रांति कुमार और वोरसू नागराजू को गिरफ्तार किया। आरोप है कि इन्होंने अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह को बैंक खाते उपलब्ध कराए। फरवरी महीने में ठगों ने खुद को सीबीआई और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बताकर एक व्यक्ति को व्हाट्सऐप वीडियो कॉल किया। मानव तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर मामलों में फंसाने तथा सुप्रीम कोर्ट के नाम पर फर्जी गैर-जमानती वारंट दिखाकर पीड़ित को डराया गया। बाद में “वेरिफिकेशन” के नाम पर उससे 1.66 करोड़ रुपये ठग लिए गए। निजामाबाद और कामारेड्डी जिलों में जांच के दौरान अंबर श्रीनिवास और वागुमरी शंभु वेंकटेश को गिरफ्तार किया गया।

एक सप्ताह में 5 बड़े मामले सुलझाए, 7 आरोपी गिरफ्तार

आरोपियों ने तकनीकी खामियों का फायदा उठाकर बैंक ऑफ बड़ौदा के एक ग्राहक के खाते से उसकी जानकारी के बिना लगभग 2.17 करोड़ रुपये विभिन्न चरणों में ट्रांसफर कर दिए। हैदराबाद के गच्चीबौली निवासी कोमरा नारायण स्वामी को निवेश धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया गया। ठगों ने “ एक फर्जी वेबसाइट के जरिए शेयर बाजार में भारी मुनाफे का लालच दिया। नकली प्रॉफिट स्क्रीनशॉट दिखाकर पीड़ित से 1.16 करोड़ रुपये निवेश करवाए गए। करीमनगर निवासी मदुपा रमेश को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। आरोपियों ने खुद को लंदन स्थित कंपनी का प्रतिनिधि बताकर गोल्ड ट्रेडिंग में निवेश कराने का झांसा दिया। बाद में सर्विस टैक्स और प्लेटफॉर्म फीस के नाम पर और रकम मांगी गई। पीड़ित को करीब 7.16 लाख रुपये का नुकसान हुआ। पुलिस जांच में सामने आया कि कोमरा नारायण स्वामी आंध्र प्रदेश के कर्नूल में हुए एक अन्य साइबर फ्रॉड में भी शामिल था।

पीड़ित से करीब 1.68 करोड़ रुपये करवा लिए ट्रांसफर

टेलीग्राम पर खुद को प्रोफेशनल बिटकॉइन ट्रेडर बताकर ठगों ने नकली स्क्रीनशॉट और क्यूआर कोड के जरिए पीड़ित से करीब 1.68 करोड़ रुपये ट्रांसफर करवा लिए। मल्काजगिरि साइबर क्राइम पुलिस ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा कि ऑनलाइन निवेश, पार्ट-टाइम जॉब और ट्रेडिंग ऐप्स के नाम पर धोखाधड़ी तेजी से बढ़ रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कम समय में ज्यादा मुनाफे का लालच देने वाली वेबसाइटों पर भरोसा न करें। अनजान लिंक पर क्लिक न करें और संदिग्ध ऐप डाउनलोड न करें। बैंक विवरण, आधार, पैन और ओटीपी किसी के साथ साझा न करें। “अकाउंट अनफ्रीज” या “प्रॉफिट टैक्स” के नाम पर मांगी गई रकम तुरंत संदेहास्पद मानें।

सीबीआई या पुलिस अधिकारी बनकर वीडियो कॉल पर डराने वालों से न घबराएं और तुरंत पुलिस को सूचना दें। पुलिस ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है तो तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

साइबर क्राइम में कौन-कौन से अपराध आते हैं?

इंटरनेट, कंप्यूटर या डिजिटल माध्यम से किए जाने वाले अपराध साइबर क्राइम की श्रेणी में आते हैं। इनमें ऑनलाइन ठगी, हैकिंग, फर्जी कॉल, बैंक फ्रॉड, पहचान चोरी, सोशल मीडिया धोखाधड़ी और डेटा चोरी जैसे अपराध शामिल होते हैं। कई अपराधी नकली वेबसाइट और फर्जी लिंक का उपयोग करके लोगों को नुकसान पहुंचाते हैं। साइबर सुरक्षा नियमों का पालन और सतर्कता ऐसे अपराधों से बचाव में महत्वपूर्ण मानी जाती है।

साइबर अपराध क्या है और इसके प्रकार क्या हैं?

डिजिटल उपकरणों और इंटरनेट के माध्यम से किए गए अवैध कार्यों को साइबर अपराध कहा जाता है। इसके प्रमुख प्रकारों में हैकिंग, फिशिंग, ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी, साइबर बुलिंग, पहचान चोरी और मैलवेयर हमला शामिल हैं। अपराधी तकनीक का गलत उपयोग करके आर्थिक और व्यक्तिगत नुकसान पहुंचा सकते हैं। मोबाइल और इंटरनेट के बढ़ते उपयोग के साथ ऐसे मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। जागरूकता और मजबूत पासवर्ड सुरक्षा के लिए जरूरी मानी जाती है।

साइबर अपराध के 5 प्रकार क्या हैं?

ऑनलाइन दुनिया में कई प्रकार के साइबर अपराध होते हैं, जिनमें फिशिंग, हैकिंग, पहचान चोरी, ऑनलाइन बैंक फ्रॉड और साइबर बुलिंग प्रमुख माने जाते हैं। फिशिंग में फर्जी लिंक या ईमेल के जरिए जानकारी चुराई जाती है। हैकिंग में कंप्यूटर या अकाउंट में अवैध प्रवेश किया जाता है। पहचान चोरी के जरिए किसी की निजी जानकारी का गलत उपयोग किया जाता है। सुरक्षित इंटरनेट उपयोग से ऐसे खतरों को कम किया जा सकता है।

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