SIR : एसआईआर से पूर्व राजनीतिक दलों से बीएलए नियुक्त करने की अपील – सी. सुर्दशन रेड्डी

By Ajay Kumar Shukla | Updated: February 6, 2026 • 11:04 AM

कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची से वंचित न रहे

हैदराबाद। तेलंगाना में आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मद्देनज़र राजनीतिक दलों से प्रत्येक मतदान केंद्र पर कम से कम एक बूथ लेवल एजेंट (BLA) नियुक्त करने का आग्रह किया गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) सी. सुर्दशन रेड्डी ने कहा कि इस प्रक्रिया में सशक्त बूथ-स्तरीय समन्वय की अहम भूमिका होगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए श्री सुर्दशन रेड्डी ने कहा कि बीएलए को यथासंभव संबंधित मतदान केंद्र के स्थानीय क्षेत्र से नियुक्त किया जाना चाहिए तथा उन्हें बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के साथ निकट समन्वय में कार्य करना चाहिए।

12 राज्यों में एसआईआर की प्रक्रिया जारी

उन्होंने कहा कि प्रत्येक मतदान केंद्र पर कम से कम एक बीएलए की नियुक्ति से मतदाता सूची के पुनरीक्षण में शुद्धता, पारदर्शिता और समयबद्ध शिकायत निवारण सुनिश्चित किया जा सकेगा। सीईओ ने बताया कि वर्तमान में देश के 12 राज्यों में एसआईआर की प्रक्रिया जारी है तथा शेष राज्यों, जिनमें तेलंगाना भी शामिल है, के लिए कार्यक्रम अप्रैल–मई 2026 के दौरान घोषित किए जाने की संभावना है। सीमित समय को ध्यान में रखते हुए राज्य में इसकी पूर्व तैयारियां पहले ही आरंभ कर दी गई हैं। पूर्व तैयारी के तहत वर्ष 2025 की मतदाता सूची में दर्ज मतदाताओं को वर्ष 2002 के एसआईआर के दौरान शामिल मतदाताओं से जोड़ने के लिए टेबल-टॉप मैपिंग की गई है। इसके बाद क्षेत्र स्तर पर मैपिंग का कार्य किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत बूथ लेवल अधिकारी विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों में घर-घर जाकर निवास की पहचान एवं सत्यापन कर रहे हैं।

तीन से चार बार भ्रमण किए जाने की संभावना

एसआईआर के दौरान बीएलओ द्वारा प्रत्येक मतदान क्षेत्र में तीन से चार बार भ्रमण किए जाने की संभावना है। पहले दौर में गणना प्रपत्र वितरित किए जाएंगे, जबकि बाद के दौरों में पहले अनुपस्थित पाए गए परिवारों को कवर किया जाएगा। सीईओ ने स्पष्ट किया कि जो मतदाता प्रारंभिक मैपिंग के दौरान शामिल नहीं हो पाते हैं, वे एसआईआर के दौरान अपनी जानकारी उपलब्ध करा सकेंगे। राजनीतिक दलों की भूमिका पर बल देते हुए श्री सुर्दशन रेड्डी ने सभी दलों से आग्रह किया कि वे शीघ्र सभी मतदान केंद्रों के लिए बीएलए की नियुक्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रभावी बूथ-स्तरीय सहभागिता से बेहतर समन्वय स्थापित होगा, शिकायतों में कमी आएगी और यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची से वंचित न रहे। बैठक में अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी वासम वेंकटेश्वर रेड्डी, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी हरि सिंह तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

तेलंगाना में हिंदुओं की आबादी कितनी है?

आंकड़ों के अनुसार तेलंगाना में हिंदू समुदाय की आबादी लगभग 85 प्रतिशत है। यह आंकड़ा भारत की 2011 की जनगणना पर आधारित है। राज्य में मुस्लिम, ईसाई और अन्य समुदाय भी रहते हैं, जिससे सामाजिक विविधता बनी रहती है। हिंदू आबादी ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में व्यापक रूप से फैली हुई है।

तेलंगाना का दूसरा नाम क्या है?

ऐतिहासिक रूप से तेलंगाना को त्रिलिंग देश भी कहा जाता रहा है। माना जाता है कि यह नाम तीन प्राचीन शिवलिंगों—कालेश्वरम, श्रीशैलम और द्राक्षारामम—से जुड़ा है। समय के साथ “त्रिलिंग” शब्द परिवर्तित होकर “तेलंगाना” बन गया। यह नाम क्षेत्र की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को दर्शाता है।

तेलंगाना और हैदराबाद में क्या अंतर है?

मूल रूप से तेलंगाना एक राज्य है, जबकि हैदराबाद उसकी राजधानी और एक शहर है। तेलंगाना में कई जिले और शहर शामिल हैं, जबकि हैदराबाद केवल एक महानगर है। प्रशासनिक, भौगोलिक और राजनीतिक स्तर पर दोनों में अंतर है, लेकिन हैदराबाद राज्य का प्रमुख आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्र माना जाता है।

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