दोनों नेता परियोजना को कर रहे बदनाम : हरीश राव
हैदराबाद। कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना के खिलाफ गलत सूचना अभियान के लिए कांग्रेस सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए पूर्व मंत्री और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के नेता टी हरीश राव ने शनिवार को आरोप लगाया कि सिंचाई मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी और मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी दोनों राजनीतिक लाभ के लिए परियोजना को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं।
हरीश राव ने कांग्रेस के दावे को किया खारिज
शनिवार को यहां एक बयान में उन्होंने कांग्रेस के इस दावे को खारिज कर दिया कि कालेश्वरम परियोजना एक ‘सफेद हाथी’ और एक वित्तीय बोझ थी और कांग्रेस सरकार द्वारा परियोजना के जलाशयों और पंप हाउसों का उपयोग जारी रखने के कारण उनके रुख में विरोधाभास की ओर इशारा किया। राव ने सवाल किया, ‘वे इसके बुनियादी ढांचे पर भरोसा करते हुए इसे विफल कैसे कह सकते हैं?’
हरीश राव ने कांग्रेस को दी चुनौती
परियोजना की विरासत का बचाव करते हुए राव ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कालेश्वरम परियोजना ने 20 लाख एकड़ से अधिक भूमि की सिंचाई की है, यह तथ्य कांग्रेस सरकार की अपनी रिपोर्ट में भी स्वीकार किया गया है। उन्होंने कांग्रेस को चुनौती दी कि वह अपने शासन के दौरान हासिल सिंचाई लाभों का विवरण देते हुए एक श्वेत पत्र जारी करे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार एक साल से अधिक समय तक सत्ता में रहने के बावजूद किसी भी सिंचाई परियोजना को पूरा करने या किसानों को पानी उपलब्ध कराने में विफल रही है।
सीडब्ल्यूसी और महाराष्ट्र सरकार की रिपोर्टों का दिया हवाला
प्राणहिता-चेवेल्ला परियोजना के मूल डिजाइन पर, जिसे कालेश्वरम परियोजना ने प्रतिस्थापित किया, उन्होंने तर्क दिया कि तुम्मिडी हट्टी में अपर्याप्त जल उपलब्धता के कारण मूल योजना अव्यवहारिक थी। अपने तर्क के समर्थन में केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) और महाराष्ट्र सरकार की रिपोर्टों का हवाला देते हुए, उन्होंने कांग्रेस पर अपने कार्यकाल के दौरान प्राणहिता परियोजना की लागत को 17,875 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 40,300 करोड़ रुपये करने का आरोप लगाया, जबकि इस पर कोई खास प्रगति नहीं हुई और मोबिलाइजेशन एडवांस में 2,328 करोड़ रुपये का दुरुपयोग किया गया।
कांग्रेस सरकार की भूमिका की भी आलोचना
पूर्व मंत्री ने श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (एसएलबीसी) सुरंग ढहने की घटना से निपटने में कांग्रेस सरकार की भूमिका की भी आलोचना की, जिसमें आठ लोगों की जान चली गई थी। राव ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि त्रासदी के 100 दिन बाद भी पीड़ितों के शवों का पता नहीं चल पाया है और सरकार निर्माण शुरू करने से पहले आवश्यक सुरक्षा उपाय लागू करने में विफल रही।
बीआरएस नेताओं को निशाना बनाने की कोशिश : हरीश राव
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार कलेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना के निर्माण की जांच कर रहे न्यायिक आयोग का इस्तेमाल केवल पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव और खुद सहित अन्य बीआरएस नेताओं को निशाना बनाने के लिए कर रही है। जवाबदेही की मांग करते हुए राव ने कांग्रेस से ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ में शामिल होने के बजाय शासन पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। उन्होंने कलेश्वरम परियोजना की रक्षा के लिए बीआरएस की प्रतिबद्धता दोहराई, जिसे उन्होंने तेलंगाना के किसानों के लिए जीवन रेखा बताया।
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