हैदराबाद। पूर्व मंत्री निरंजन रेड्डी ने राज्य सरकार से मांग की है कि वर्षा से भीगे हुए धान की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर की जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि धान खरीद प्रक्रिया (Paddy Procurement Process) में प्रशासन की लापरवाही के कारण किसान गंभीर कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। रविवार को उन्होंने वनपर्ती कृषि बाजार यार्ड में बारिश से खराब हुए धान का निरीक्षण किया और किसानों के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए आश्वासन दिया कि जब तक न्याय नहीं मिलता, वे किसानों के साथ खड़े रहेंगे। मीडिया (Media) से बातचीत करते हुए उन्होंने अधिकारियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि किसान कई दिनों से खरीद केंद्रों पर इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अभी तक तौल प्रक्रिया भी शुरू नहीं की गई है।
बारिश से खराब हुए धान का निरीक्षण किया
उन्होंने किसानों की पीड़ा पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि किसान अपनी फसल को अपनी आंखों के सामने पानी में बर्बाद होते देख रहे हैं और रोने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह स्थिति राज्य सरकार द्वारा अयोग्य एजेंसियों को परिवहन ठेके देने के कारण उत्पन्न हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार जनहित के मुद्दों पर आवाज उठाने वालों पर तुरंत मामले दर्ज करती है, लेकिन दो साल पहले हुई श्रीधर रेड्डी की हत्या के आरोपियों को पकड़ने में विफल रही है, जो प्रशासन की गंभीर असफलता को दर्शाता है।
उन्होंने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सरकार द्वारा पूरी फसल खरीद लेने के दावे वास्तविकता से दूर हैं। पूर्व मंत्री ने याद दिलाया कि पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के कार्यकाल में सरकार ने बारिश से भीगे अनाज की पूरी खरीद की थी और किसानों को सहायता दी थी।
5.42 लाख हेक्टेयर में धान की खेती हुई
उन्होंने कहा कि इस समय 5.42 लाख हेक्टेयर में धान की खेती हुई है, लेकिन खरीद के लिए कोई तैयार नहीं है। उन्होंने नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारी स्टेफन रविंदर से मांग की कि अयोग्य परिवहन एजेंसियों की जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक को-राइस मिलर ने मंत्री के पुत्र को रेंज रोवर कार उपहार में दी है और इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अनियमितताओं में शामिल राइस मिलरों पर बिना किसी पक्षपात के कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि लगभग 1.4 करोड़ मीट्रिक टन धान और 45 लाख मीट्रिक टन मक्का बाजार में पहुंच चुका है।
2026-27 में धान का समर्थन मूल्य क्या है?
केंद्रीय कैबिनेट समिति (CCEA) ने मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए सामान्य धान का MSP 2,369 रुपये से बढ़ाकर 2,441 रुपये और ग्रेड-ए धान का 2,389 रुपये से बढ़ाकर 2,461 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। यह नया MSP लागत पर कम से कम 50 फीसदी मुनाफे को ध्यान में रखते हुए तय किया गया है।
यूपी में धान की खरीद का रेट क्या है?
उत्तर प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए कॉमन धान का MSP 2,369 रुपये और ग्रेड-ए धान का MSP 2,389 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया था। 2026-27 के नए MSP के अनुसार अब यूपी में भी सामान्य धान 2,441 रुपये और ग्रेड-ए 2,461 रुपये प्रति क्विंटल की दर से सरकारी खरीद केंद्रों पर बिकेगा। भुगतान सीधे किसान के बैंक खाते में होता है।
धान खरीदी की अंतिम तिथि क्या है?
उत्तर प्रदेश में 2025-26 सीजन में पश्चिमी यूपी में 1 अक्टूबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक और पूर्वी यूपी में 1 नवंबर 2025 से 28 फरवरी 2026 तक धान खरीद की अवधि निर्धारित थी। 2026-27 सीजन की धान खरीद अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। अंतिम तिथि की आधिकारिक घोषणा राज्य सरकार खरीफ सीजन आने पर करती है।
Read Telugu News: https://vaartha.com/
यह भी पढ़ें :