PRSI : महिलाओं के बिना समाज की कल्पना नहीं – डॉ. पुष्पा

By Ajay Kumar Shukla | Updated: March 8, 2026 • 9:27 PM

हैदराबाद । भारतीय जनसंपर्क सोसाइटी (पीआरएसआई) हैदराबाद की महिला शाखा द्वारा रविवार को महिला दिवस के अवसर पर सेंट जोसेफ डिग्री (Joseph’s Degree) एवं स्नातकोत्तर महाविद्यालय में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें जनसंपर्क क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों, महिला प्रतिनिधियों और छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. जी. पुष्पा चक्रपाणि (Pushpa Chakrapani), शैक्षणिक निदेशक, डॉ. बी. आर. आंबेडकर मुक्त विश्वविद्यालय ने उपस्थित लोगों को महिला दिवस की शुभकामनाएँ दीं और हैदराबाद अध्याय द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

महिलाओं के श्रमिक आंदोलन से हुई थी महिला दिवस की शुरुआत

उन्होंने कहा कि महिला दिवस की शुरुआत वर्ष 1908 में अमेरिका में महिलाओं के श्रमिक आंदोलन से हुई थी और वर्ष 1975 में संयुक्त राष्ट्र ने 8 मार्च को आधिकारिक रूप से महिला दिवस के रूप में मान्यता दी। डॉ. पुष्पा ने कहा कि महिलाओं से जुड़े कार्यक्रमों में पुरुषों की भागीदारी भी आवश्यक है, जिससे समाज में व्यापक जागरूकता और सहयोग बढ़ सके। उन्होंने कहा कि महिलाओं के बिना समाज की कल्पना नहीं की जा सकती और प्रगतिशील समाज के निर्माण के लिए महिलाओं को शिक्षा के अधिकार को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाए गए कानून का भी उल्लेख किया। विशिष्ट अतिथि अंतरराष्ट्रीय योग प्रशिक्षक तथा कलाकृति योग की संस्थापक येसस्विनी ने कहा कि परिवार और समाज की खुशहाली में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

डॉ. शेख हुस्ना समीरा ने अपनी प्रेरणादायक यात्रा साझा की

उन्होंने महिलाओं से नियमित योग करने और दिन की शुरुआत ताज़ी हवा तथा सकारात्मक गतिविधि से करने की सलाह दी। एक अन्य विशिष्ट अतिथि प्रसिद्ध कैरम खिलाड़ी तथा विश्व कीर्तिमान धारक डॉ. शेख हुस्ना समीरा ने अपनी प्रेरणादायक यात्रा साझा की। उन्होंने अपनी उपलब्धियों का श्रेय अपनी माता को देते हुए कहा कि बचपन में अनुशासन और कड़े संस्कारों ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि वे केवल अपनी माता की ही नहीं बल्कि भारत की भी बेटी हैं और महिलाओं से बच्चों में राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का आह्वान किया।

इससे पहले जनसंपर्क संस्था के हैदराबाद अध्याय के अध्यक्ष डॉ. यदागिरि कम्भमपाटि ने कहा कि अध्याय में महिला शाखा का होना गर्व की बात है और इसके माध्यम से महिलाओं के सशक्तिकरण तथा उनके पेशेवर विकास के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। महिला शाखा की संयोजक तथा सेंट जोसेफ डिग्री एवं स्नातकोत्तर महाविद्यालय की प्राध्यापिका अपर्णा राजहंस ने कहा कि यह संस्थान जनसंपर्क विषय में शैक्षणिक पाठ्यक्रम चलाने के साथ-साथ संस्था की गतिविधियों को भी सक्रिय सहयोग देता रहा है

सचिव राजेश कल्याना व डॉ. अनुराधा ने अतिथियों का परिचय कराया

हैदराबाद शाखा के सचिव राजेश कल्याना और महिला शाखा की सह-संयोजक डॉ. अनुराधा मेडा सहित अन्य पदाधिकारियों ने अतिथियों का परिचय कराया। इस अवसर पर संपादक वाई. बाबजी ने कहा कि हैदराबाद अध्याय में महिला शाखा की स्थापना का विचार उन्होंने वर्ष 2002 में अपने अध्यक्षीय कार्यकाल के दौरान रखा था। उन्होंने कहा कि देश में हैदराबाद अध्याय ही ऐसा अध्याय है जहाँ महिला शाखा अपनी स्वतंत्र व्यवस्था के साथ कार्य कर रही है।

जनसंपर्क का भविष्य क्या है?

जनसंपर्क (Public Relations) का भविष्य डिजिटल और सोशल मीडिया पर आधारित, डेटा-संचालित, और रणनीतिक दृष्टिकोण वाला होगा। अब केवल मीडिया कवर या प्रेस विज्ञप्ति नहीं, बल्कि ब्रांड की छवि बनाने, क्राइसिस मैनेजमेंट, सोशल इंफ्लुएंसर सहयोग, और डिजिटल एंगेजमेंट पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। एआई और एनालिटिक्स भी जनसंपर्क रणनीतियों का अहम हिस्सा बनते जा रहे हैं।

राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस कब मनाया जाता है?

राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस (National Public Relations Day):
भारत में राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस 21 मई को मनाया जाता है। यह दिन जनसंपर्क पेशे और इसके योगदान को मान्यता देने के लिए मनाया जाता है।

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