हैदराबाद। ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम ने इलेक्ट्रॉनिक कचरे (ई-कचरा) के सुरक्षित निस्तारण के लिए एक स्थायी और व्यापक व्यवस्था प्रारंभ की है। निगम आयुक्त (Municipal Commissioner) ने अमीरपेट स्थित प्रमुख मोबाइल विक्रय केंद्रों में इस पहल का शुभारंभ किया, जहाँ अधिकृत पुनर्चक्रण एजेंसियों एवं अधिकारियों की उपस्थिति रही। अधिकारियों के अनुसार, ई-कचरा यदि उचित ढंग से निस्तारित न किया जाए तो यह मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए अत्यंत हानिकारक होता है। इसी कारण भारत सरकार ने इसे विशेष श्रेणी (Special Category) के कचरे में शामिल किया है और इसके प्रबंधन हेतु केवल अधिकृत संस्थाओं को ही अनुमति प्रदान की गई है।
चलाया जा रहा ई-कचरा संग्रहण और जनजागरूकता अभियान
नगर निगम द्वारा जनवरी 2026 से ई-कचरा संग्रहण और जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अब इसे स्थायी स्वरूप देने के लिए क्यूआर आधारित ई-कचरा प्रबंधन तंत्र विकसित किया गया है, जिसके अंतर्गत नागरिकों को तीन प्रमुख सुविधाएँ प्रदान की जा रही है। नगर के विभिन्न विक्रय केंद्रों में 30 संग्रह पेटियाँ स्थापित की गई हैं। नागरिक क्यूआर कोड के माध्यम से इन स्थानों की जानकारी प्राप्त कर अपने अनुपयोगी ई-कचरे को वहाँ जमा कर सकते हैं। नगर निगम ने अधिकृत पुनर्चक्रण कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित कर नागरिकों के घर से सीधे ई-कचरा संग्रहण की व्यवस्था की है।
क्यूआर कोड के माध्यम से अनुरोध दर्ज कर सकेंगे नागरिक
यह सुविधा शीघ्र प्रारंभ होगी और नागरिक क्यूआर कोड के माध्यम से अनुरोध दर्ज कर सकेंगे। विभिन्न वार्डों में ई-कचरे के दुष्प्रभावों तथा उसके सही निस्तारण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में एकत्रित ई-कचरे का निस्तारण नियमानुसार किया जाएगा। नगर निगम के अनुसार, ई-कचरा जमा करने पर नागरिकों को प्रशंसा प्रमाण पत्र तथा पुरस्कार अंक प्रदान किए जाएंगे, जिन्हें स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से उपयोग किया जा सकेगा। यह पहल कचरे के स्रोत पर पृथक्करण, नागरिक सहभागिता, कचरे की निगरानी तथा लैंडफिल में जाने वाले कचरे को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। नगर निगम ने इस पहल को और प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न संस्थाओं, स्वयंसेवकों एवं इच्छुक व्यक्तियों से सुझाव और सहयोग आमंत्रित किए हैं।
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