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Hyderabad : हनुमान जयंती पर ग्राम सभाओं को लेकर सरकार पर सवाल

Author Icon By Ajay Kumar Shukla
Updated: April 3, 2026 • 1:13 PM
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हैदराबाद। हनुमान जयंती के अवसर पर आयोजित ग्राम सभाओं को लेकर पूर्व राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. वकुलाभरणम कृष्ण मोहन राव (Dr. Vakulabharanam Krishna Mohan Rao) ने राज्य सरकार के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है। अंबरपेट स्थित हनुमान मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि हनुमान जयंती जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व के दिन ‘प्रजा पालना–प्रजा पालिका’ के तहत ग्राम सभाओं का आयोजन करना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब लोग पूजा-अर्चना और धार्मिक गतिविधियों में व्यस्त रहते हैं, तो ऐसी स्थिति में ग्राम सभा किसके लिए आयोजित की जा रही है। डॉ. राव ने कहा कि सरकार को इस दिन अवकाश घोषित कर जनता की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए था, लेकिन इसके विपरीत उसी दिन सरकारी कार्यक्रम (Government Program) आयोजित करना हिंदुओं की भावनाओं को आहत करने वाला है।

बीसी आयोग के पूर्व चेयरमैन ने जताई आपत्ति

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ये ग्राम सभाएं केवल प्रचार का माध्यम बनकर रह गई हैं। उन्होंने ‘राइजिंग तेलंगाना’ के नाम पर सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार का ध्यान मुख्य रूप से रियल एस्टेट गतिविधियों पर केंद्रित है, जबकि कल्याणकारी योजनाओं के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। इसके चलते बकाया बढ़ते जा रहे हैं और विभिन्न वर्गों के लोग परेशान हैं।

डॉ. राव ने कहा कि पहले ही महात्मा ज्योतिबा फुले भवन में लाखों आवेदन जमा हो चुके हैं, लेकिन सरकार यह स्पष्ट नहीं कर रही कि उनमें से कितनों का समाधान हुआ है। उन्होंने इस मुद्दे पर तत्काल श्वेत पत्र जारी करने की मांग की। उन्होंने सरकार से अपील की कि भविष्य में निर्णय लेते समय धार्मिक पर्वों की महत्ता का सम्मान किया जाए और जनभावनाओं के अनुरूप कदम उठाए जाएं। इस दौरान अंबरपेट गौड़ा संघ के अध्यक्ष पंझाला गिरिधर गौड़, मल्लिकार्जुन गौड़, भाजपा नेता श्रीहरी गौड़, एम. रोहित नंदराज गौड़, ए. वीरेंदर, महेंद्र, श्रीनिवास रेड्डी और दामोदर सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

असली हनुमान जयंती कब है?

अधिकतर स्थानों पर यह पर्व चैत्र मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है, जिसे मुख्य हनुमान जयंती माना जाता है। हालांकि कुछ राज्यों में अलग तिथियों पर भी मनाने की परंपरा है, जैसे दक्षिण भारत में मार्गशीर्ष या अन्य महीनों में। इसलिए “असली” तिथि क्षेत्रीय परंपरा पर निर्भर करती है, लेकिन उत्तर भारत में चैत्र पूर्णिमा ही प्रमुख मानी जाती है।

1 साल में दो बार जन्मदिन किसका आता है?

ऐसे लोगों का जन्मदिन साल में दो बार आता हुआ लगता है, जिनका जन्म 29 फरवरी को हुआ होता है। यह तिथि केवल लीप वर्ष में आती है, जो हर चार साल में एक बार होता है। इसलिए कुछ लोग हर साल 28 फरवरी या 1 मार्च को जन्मदिन मनाते हैं और लीप वर्ष में 29 फरवरी को भी, जिससे ऐसा लगता है कि साल में दो बार जन्मदिन आता है।

हनुमान जयंती के दिन हनुमान जी को क्या चढ़ाना चाहिए?

इस दिन हनुमान जी को सिंदूर, चमेली का तेल, गुड़-चने और बूंदी या बेसन के लड्डू चढ़ाना शुभ माना जाता है। इसके अलावा तुलसी पत्ते, लाल फूल और नारियल भी अर्पित किए जाते हैं। श्रद्धालु सुंदरकांड का पाठ और हनुमान चालीसा का पाठ करके पूजा करते हैं, जिससे शक्ति, साहस और संकटों से मुक्ति की कामना की जाती है।

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