Action : जियागुड़ा में अवैध समोसा निर्माण यूनिट पर छापा

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जियागुड़ा
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5 लाख रुपये का अस्वच्छ खाद्य सामग्री जब्त

हैदराबाद। हैदराबाद सिटी पुलिस की टास्क फोर्स की एच-फास्ट (हैदराबाद खाद्य मिलावट निगरानी टीम ) टीम ने कुलसुमपुरा पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए जियागुड़ा (Jiaguda) क्षेत्र में संचालित एक अवैध खाद्य निर्माण इकाई का भंडाफोड़ किया। विश्वसनीय सूचना के आधार पर एच-फास्ट टीम, टास्क फोर्स कर्मियों और कुलसुमपुरा पुलिस स्टेशन की टीम ने जियागुड़ा में एक मकान में छापा मारा। छापे के दौरान पाया गया कि यह यूनिट बिना किसी वैध एफएसएसएआई लाइसेंस, ट्रेड लाइसेंस या फायर सेफ्टी अनुमति के बड़े पैमाने पर अत्यंत अस्वच्छ परिस्थितियों में समोसे तैयार कर रही थी। आरोपी अब्दुल रशीद (73 वर्ष) सड़े-गले और घटिया सामग्री (Substandard materials) का उपयोग कर रहा था, जिसमें बासी उबले अंडे और बार-बार इस्तेमाल किया गया तेल शामिल था, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य को गंभीर खतरा था। पुलिस ने पांच लाख रुपए की सामाग्री जब्त किया गया।

आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया

सामाग्रियों में सड़े हुए उबले अंडे 500, दोबारा इस्तेमाल किया गया तेल 5 किलोग्राम, तैयार खाद्य सामग्री एग समोसे (350), स्वीट कॉर्न समोसे (600), प्याज समोसे (1000), कच्चा माल – मैदा (50 किग्रा), नमक (4 बैग), समोसा पट्टी (2000), अस्वच्छ स्वीट कॉर्न (10 किग्रा )शामिल है। सभी सामग्री को जब्त कर लिया गया है और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। कुलसुमपुरा पुलिस स्टेशन में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है तथा जांच जारी है। यह कार्रवाई इंस्पेक्टर वेंकटेश के नेतृत्व में टास्क फोर्स और एच-फास्ट टीम द्वारा स्थानीय कुलसुमपुरा पुलिस एवं फूड सेफ्टी अधिकारी (एफएसओ) के सहयोग से की गई।

समोसे का असली नाम क्या है?

इस लोकप्रिय नाश्ते का मूल नाम Samosa नहीं था, बल्कि इसे प्राचीन फारसी भाषा में “संबोसा” या “संबूसा” कहा जाता था। समय के साथ यह नाम बदलकर समोसा हो गया। यह व्यंजन मध्य एशिया और मध्य पूर्व से भारत आया और यहां के मसालों और स्वाद के अनुसार इसका रूप और स्वाद विकसित हो गया।

समोसा के पिता कौन थे?

इस व्यंजन का कोई एक “पिता” या आविष्कारक नहीं माना जाता। Samosa का विकास कई संस्कृतियों के मेल से हुआ है। इतिहासकार मानते हैं कि यह मध्य एशिया और फारस से व्यापारियों और यात्रियों के माध्यम से अलग-अलग देशों में फैला, और भारत में आकर यह एक लोकप्रिय स्ट्रीट फूड बन गया।

भारत में समोसा कब आया था?

इतिहास के अनुसार Samosa लगभग 13वीं–14वीं शताब्दी के दौरान भारत में आया था। इसे मध्य एशियाई व्यापारियों और यात्रियों द्वारा यहां लाया गया था। दिल्ली सल्तनत के समय में यह शाही रसोई तक पहुंचा और धीरे-धीरे आम लोगों के बीच भी लोकप्रिय हो गया। आज यह भारत के सबसे पसंदीदा नाश्तों में से एक है।

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Ajay Kumar Shukla

लेखक परिचय

Ajay Kumar Shukla

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