हैदराबाद। जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत जल संसाधन विभाग के सचिव वी. एल. कंठा राव (V.L. Kantha Rao) की अध्यक्षता में डॉ. एमसीआर मानव संसाधन विकास संस्थान में क्षेत्रीय राज्य जल सचिवों का सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी, लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में जल क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रही योजनाओं की समीक्षा, परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं को समझना तथा अंतरराज्यीय मुद्दों पर विचार-विमर्श करना था।
बैठक में बाढ़ पूर्वानुमान, तलछट प्रबंधन, खारे पानी की समस्या, बांध सुरक्षा और जल संरक्षण में जनभागीदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई। केंद्र सरकार ने राज्यों से महत्वपूर्ण सुझावों को शीघ्र लागू करने का आग्रह किया। अंत में सचिव ने कहा कि इस प्रकार की बैठकें जल संसाधनों (Water Resources) के सतत और प्रभावी विकास के लिए समन्वित रणनीति बनाने में सहायक हैं और केंद्र सरकार राज्यों को हर संभव सहयोग प्रदान करती रहेगी।
जल संसाधन किसे कहते हैं?
पानी के वे सभी स्रोत, जिनका उपयोग मानव जीवन और अन्य कार्यों के लिए किया जा सकता है, उन्हें जल संसाधन कहा जाता है। इसमें नदियाँ, झीलें, तालाब, भूजल और वर्षा का पानी शामिल होते हैं। ये संसाधन पीने, सिंचाई, उद्योग और बिजली उत्पादन के लिए बहुत महत्वपूर्ण होते हैं, इसलिए इनके संरक्षण और सही उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
जल संसाधन के 4 प्रकार कौन से हैं?
मुख्य प्रकारों में सतही जल, भूजल, वर्षा जल और समुद्री जल शामिल होते हैं। सतही जल में नदियाँ और झीलें आती हैं, जबकि भूजल जमीन के अंदर पाया जाता है। वर्षा जल प्राकृतिक रूप से प्राप्त होता है और समुद्री जल खारे पानी के रूप में उपलब्ध होता है। इन सभी का उपयोग अलग-अलग जरूरतों के अनुसार किया जाता है।
जल संसाधन के दो मुख्य स्रोत क्या हैं?
प्रमुख स्रोतों में सतही जल और भूजल शामिल होते हैं। सतही जल नदियों, झीलों और तालाबों में पाया जाता है, जबकि भूजल जमीन के अंदर कुओं और ट्यूबवेल के माध्यम से प्राप्त किया जाता है। ये दोनों स्रोत मानव जीवन और कृषि के लिए सबसे अधिक उपयोगी माने जाते हैं।
जल संसाधन क्या हैं, उनके उपयोग क्या हैं?
ऐसे प्राकृतिक स्रोत होते हैं, जिनसे पानी प्राप्त किया जाता है और जिनका उपयोग विभिन्न कार्यों में होता है। इनके उपयोग में पीने का पानी, सिंचाई, उद्योग, जल विद्युत उत्पादन और घरेलू काम शामिल हैं। इसके अलावा पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है, इसलिए इनका संरक्षण आवश्यक माना जाता है।
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