हैदराबाद। तेलंगाना सारस्वत परिषद, बोग्गुलकुंटा में श्री चंडी परमेश्वरी पीठ के दिव्य सान्निध्य में ‘पराभव’ नाम संवत्सर उगादी पुरस्कार वितरण समारोह एवं पंचांग विमोचन कार्यक्रम (Almanac Release Ceremony) भव्य एवं गरिमापूर्ण ढंग से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में तेलंगाना बीसी आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. वकुलभरणम कृष्ण मोहन राव ने भाग लिया। उन्होंने ‘पराभव’ नाम संवत्सर के पंचांग का विमोचन किया तथा विभिन्न पीठों और देवस्थानों से जुड़े वेद पंडितों को उगादी पुरस्कार प्रदान किए। इस अवसर पर अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि उगादी का पर्व भारतीय संस्कृति (Indian Culture) और सनातन परंपराओं का प्रतीक है।
जीवन में शांति, समृद्धि और खुशहाली लेकर आएगा नया तेलुगु वर्ष
उन्होंने आशा व्यक्त की कि नया तेलुगु वर्ष सभी के जीवन में शांति, समृद्धि और खुशहाली लेकर आएगा। जीएमके फाउंडेशन और आदिलेला फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित यह कार्यक्रम मंगलवार को दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक चला, जिसमें करीब 30 वेद पंडितों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश विधान परिषद सदस्य श्रीमती पोतुला सुनीता, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. समुद्राला वेणुगोपालचारी तथा अमेरिका से आए श्री चि. करुणाकर सहित कई गणमान्य अतिथियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पीठाधिपति अवसाराला प्रसाद शर्मा सिद्धांति ने की, जबकि डॉ. एस. आदिनारायण ने मुख्य आयोजक के रूप में कार्यक्रम का सफल संचालन किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में वेद पंडित, आध्यात्मिक विद्वान और अन्य अतिथि उपस्थित रहे।
उगादी पुरस्कार से किसे सम्मानित किया गया था?
हर वर्ष तेलंगाना और आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा उगादी के अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को उगादी पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। यह सम्मान साहित्य, कला, संगीत, समाज सेवा और अन्य क्षेत्रों में विशेष उपलब्धि हासिल करने वालों को दिया जाता है। हर साल पुरस्कार पाने वालों की सूची अलग होती है, इसलिए किसी एक निश्चित व्यक्ति का नाम नहीं होता।
उगादी महोत्सव 2026 किस तारीख को है?
साल 2026 में उगादी महोत्सव 19 मार्च को मनाया जाएगा। यह दिन तेलुगु नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक होता है और इस अवसर पर लोग नए कार्यों की शुरुआत करते हैं। पंचांग के अनुसार इस दिन को बहुत शुभ माना जाता है और घरों में विशेष पूजा तथा पारंपरिक व्यंजन बनाए जाते हैं।
उगादि पर्व कहाँ मनाया जाता है?
मुख्य रूप से आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में उगादि पर्व बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह तेलुगु और कन्नड़ समुदाय का प्रमुख नववर्ष त्योहार है। इस दिन लोग घर सजाते हैं, पूजा करते हैं और पारंपरिक भोजन बनाते हैं, जो नए साल के स्वागत का प्रतीक होता है।
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