News Hindi : दो वर्षों में रेवंत रेड्डी ने कुछ नहीं किया – हरीश राव

By Ajay Kumar Shukla | Updated: December 23, 2025 • 1:39 PM

हैदराबाद। पूर्व मंत्री और वरिष्ठ बीआरएस नेता टी. हरीश राव (T. Harish Rao) ने सोमवार को मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार दो साल पूरे होने के बावजूद अपने वादों पर खरी नहीं उतर पाई है। तेलंगाना भवन (Telangana Bhavan) में आयोजित प्रेस वार्ता में हरीश राव ने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपने कार्यकाल में “परियोजनाओं और चेक डैमों को तोड़ने के अलावा कुछ नहीं किया।” उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली बीआरएस सरकार के दौरान बनी सिंचाई संरचनाओं को नष्ट किया जा रहा है, जो किसानों के हितों के खिलाफ है।

बीआरएस शासन में 17.24 लाख एकड़ में नई सिंचाई सुविधाएं की गईं सृजित

विधानसभा में 11,60,895 एकड़ भूमि को सिंचाई जल उपलब्ध कराने के दावे पर सवाल उठाते हुए हरीश राव ने पूछा कि क्या सरकार ने 11,000 एकड़ भूमि तक भी पानी पहुंचाया है। उन्होंने दावा किया कि बीआरएस शासन में 17.24 लाख एकड़ में नई सिंचाई सुविधाएं सृजित की गईं और 31 लाख एकड़ में सिंचाई को स्थिर किया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री को चुनौती दी कि वे कथित सिंचाई कवरेज का पूरा विवरण सार्वजनिक करें और यदि दावे साबित नहीं हो पाते तो तेलंगाना की जनता से माफी मांगें।

एसएलबीसी हादसे के बाद भी सरकार ने बरती लापरवाही

हरीश राव ने कांग्रेस सरकार पर केसीआर के कार्यकाल में बने चेक डैमों को उड़ाने, वट्टेम पंप हाउस को जलमग्न होने देने और श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (एसएलबीसी) परियोजना के ढहने को रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एसएलबीसी हादसे के बाद भी सरकार ने लापरवाही बरती, न तो शवों की बरामदगी हुई और न ही एक भी एफआईआर दर्ज की गई। उन्होंने वर्तमान सरकार को “अक्षम” बताते हुए कहा कि कांग्रेस नेता जवाबदेही स्वीकार करने के बजाय गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी कर रहे हैं।

चेक डैम कितने प्रकार के होते हैं?

आमतौर पर इन्हें निर्माण सामग्री और उपयोग के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है। प्रमुख प्रकारों में पत्थर से बने चेक डैम, मिट्टी के चेक डैम, कंक्रीट चेक डैम और गेबियन चेक डैम शामिल होते हैं। प्रत्येक प्रकार स्थानीय भू-आकृति और जल प्रवाह के अनुसार बनाया जाता है।

चेक डैम क्या होता है?

छोटी नदियों, नालों या जलधाराओं पर बनाया जाने वाला कम ऊँचाई का बाँध चेक डैम कहलाता है। इसका उद्देश्य पानी के तेज बहाव को रोकना, वर्षा जल को संचित करना और भूजल स्तर को बढ़ाना होता है।

चेक डैम का निर्माण कैसे किया जाता है?

सबसे पहले उपयुक्त नाले या जलधारा का चयन किया जाता है। फिर नींव तैयार कर पत्थर, मिट्टी, सीमेंट या कंक्रीट से कम ऊँचाई की संरचना बनाई जाती है। इससे पानी रुककर धीरे-धीरे जमीन में समा जाता है।

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