दक्षिण मध्य रेलवे ने पेश किया अगली पीढ़ी का रेल पार्सल ऐप
हैदराबाद। दक्षिण मध्य रेलवे ने रेल निलयम, सिकंदराबाद (Secunderabad) में ‘रेल पार्सल लॉजिस्टिक्स’ विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया। इस अवसर पर दक्षिण मध्य रेलवे महाप्रबंधक संजय कुमार श्रीवास्तव मुख्य अतिथि रहे और उन्होंने नई पीढ़ी का ‘रेल पार्सल ऐप’ लॉन्च किया। यह ऐप ग्राहकों को घर से घर तक पार्सल बुकिंग और डिलीवरी की सहज डिजिटल सुविधा प्रदान करता है। इस अवसर पर सत्य प्रकाश, अतिरिक्त महाप्रबंधक, संतोष कुमार वर्मा, मंडल रेल प्रबंधक, हैदराबाद मंडल, डॉ. आर. गोपालकृष्णन, मंडल रेल प्रबंधक, सिकंदराबाद मंडल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित थे। संजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि यह गर्व का क्षण है कि दक्षिण मध्य रेलवे ने इस क्रांतिकारी ऐप को लागू करने वाला पहला रेलवे क्षेत्र बनने का गौरव (Pride) प्राप्त किया।
पार्सल की बुकिंग और डिलीवरी होगी आसान
उन्होंने बताया कि पार्सल व्यवसाय भारतीय रेलवे के उतनी ही पुरानी परंपरा का हिस्सा है और अब यह डिजिटल युग में प्रवेश कर रहा है। इस ऐप के माध्यम से पार्सल कार्यालय सीधे ग्राहकों की जेब में आ गया है, जिससे फॉर्म भरने या लंबी कतार में खड़े होने की आवश्यकता समाप्त हो गई है। आधुनिक युग में पार्सल बुकिंग टैक्सी बुक करने जितनी आसान होनी चाहिए, और यह ऐप इसे संभव बनाता है। उन्होंने कहा कि ऐप तेज, भरोसेमंद पार्सल सेवाएं, पारदर्शिता और ग्राहकों की सुविधा में वृद्धि करता है। रेल पार्सल ऐप में कई विशेषताएँ है। घर से उठाने से लेकर डिलीवरी तक एकीकृत बुकिंग सुविधा, पार्सल की उठान, रेल यात्रा और डिलीवरी सभी चरणों की लगातार जानकारी, पार्सल के प्रत्येक चरण पर तुरंत सूचना सीधे ग्राहक के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर, शुल्क, सेवा विकल्प और रेटिंग की जानकारी ग्राहकों को निर्णय लेने में मदद करती है।
प्रारंभिक चरण में सात स्थानों पर शुरू किया गया एप
इसके साथ ही सुरक्षित ऑनलाइन बैंकिंग, डेबिट/क्रेडिट कार्ड, यूपीआई और अन्य डिजिटल माध्यम से सुविधा है। प्रारंभिक चरण में यह ऐप सात स्थानों पर हैदराबाद, विजयवाड़ा, गुंटूर, राजमंड्री, विशाखापट्टनम, बैंगलोर और चेन्नई शुरू किया गया है। इस अवसर पर दक्षिण मध्य रेलवे ने आईआईएम बैंगलोर के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत आईआईएम बैंगलोर, अपने आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन केंद्र के माध्यम से, मांग पूर्वानुमान, औद्योगिक परामर्श, क्षेत्र सर्वेक्षण और बुनियादी ढांचे में अंतर का विश्लेषण करेगा।
श्री श्रीवास्तव ने कहा कि इस पहल के तहत आईआईएम बैंगलोर एक रणनीतिक रोडमैप तैयार करेगा, जो माल ढुलाई क्षमता को बढ़ाएगा और रेलवे-आधारित लॉजिस्टिक्स को मजबूत करेगा। यह मिशन 2030 तक 3000 मिलियन टन माल लोडिंग के लक्ष्य को प्राप्त करने में योगदान देगा। संगोष्ठी का शुभारंभ प्रधान वाणिज्यिक प्रबंधक, एससीआर श्रीमती इति पांडे ने स्वागत भाषण से किया। सत्य प्रकाश, अतिरिक्त महाप्रबंधक, के. पद्मजा, प्रधान संचालन प्रबंधक हेमा सुनीता, प्रधान वित्तीय सलाहकार, एससीआर ने भी उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया।
दक्षिण मध्य रेलवे का मुख्यालय कहाँ है?
South Central Railway का मुख्यालय Secunderabad में स्थित है। यह भारतीय रेलवे का एक प्रमुख जोन है, जिसकी स्थापना 1966 में हुई थी। यह जोन तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में रेल सेवाएं संचालित करता है।
रेलवे की एक दिन की कमाई कितनी होती है?
Indian Railways प्रतिदिन औसतन सैकड़ों करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित करता है। कुल आय यात्री किराया, माल ढुलाई और अन्य सेवाओं से प्राप्त होती है। हाल के वर्षों में वार्षिक आय लाखों करोड़ रुपये तक पहुंची है, जिसके आधार पर अनुमानित दैनिक कमाई लगभग 600–700 करोड़ रुपये के आसपास मानी जाती है।
रेलवे में कौन सी भर्ती निकली है?
भर्ती प्रक्रियाएं समय-समय पर अलग-अलग पदों के लिए जारी की जाती हैं, जैसे ग्रुप-डी, टेक्नीशियन, असिस्टेंट लोको पायलट (ALP) और एनटीपीसी श्रेणी। आवेदन आमतौर पर Railway Recruitment Board (RRB) के माध्यम से स्वीकार किए जाते हैं। नवीनतम अधिसूचना और पात्रता विवरण आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराए जाते हैं, जहां से उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
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