हैदराबाद। तेलंगाना राज्य मंत्रिमंडल (Telangana State Cabinet) ने कई महत्वपूर्ण जनहित फैसलों को मंजूरी दी है। कैबिनेट ने इंदिरम्मा आवास योजना के दूसरे चरण के तहत 2 लाख 50 हजार गरीब परिवारों के लिए घरों के निर्माण को स्वीकृति दी। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 2 हजार घर मंजूर किए जाएंगे। साथ ही संयुक्त राज्य के समय कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू किए गए और अधूरे रह गए इंदिरम्मा घरों को भी पूरा करने का निर्णय लिया गया है।
जिन घरों में केवल नींव बनी है और दीवार या स्लैब नहीं बने हैं, उन्हें 3 लाख रुपये तथा जिन घरों की दीवारें बनी हैं लेकिन स्लैब अधूरा है, उन्हें 2 लाख रुपये दिए जाएंगे। अधूरे घरों को पूरा करने के लिए प्रत्येक विधानसभा (Assembly) क्षेत्र में 500 घरों के हिसाब से फंड आवंटित किया जाएगा। कैबिनेट ने बताया कि पहले चरण में शुरू किए गए इंदिरम्मा घरों में से लगभग 1 लाख घरों का गृह प्रवेश 2 जून तक कराया जाएगा।
इंदिरम्मा आवास, गोदावरी पुष्कर और लाइफ साइंसेज नीति को मंजूरी
कुमारम भीम आसिफाबाद जिले के केरामेरी मंडल के कोठारी गांव में कोलाम आदिवासियों के लिए बनाए गए 28 इंदिरम्मा घरों का उद्घाटन 1 जून को किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क और अन्य मंत्री शामिल होंगे। इसके अलावा हैदराबाद महानगर क्षेत्र के 24 विधानसभा क्षेत्रों में अल्प आय वर्ग (एलआईजी) के लोगों के लिए 1 लाख घरों के निर्माण का फैसला लिया गया है।राज्य सरकार ने विभिन्न सर्वेक्षणों के आधार पर यह पाया कि राज्य में 15 हजार परिवार अब भी झुग्गियों में रह रहे हैं। ऐसे सभी परिवारों को तुरंत इंदिरम्मा आवास स्वीकृति पत्र देने का निर्णय लिया गया है। सरकार ने तेलंगाना को झुग्गी मुक्त आदर्श राज्य बनाने का संकल्प व्यक्त किया है।
बुनियादी सुविधाओं हेतु 587 करोड़ रुपये मंजूर
कैबिनेट ने अगले वर्ष 26 जून से 7 जुलाई तक आयोजित होने वाले गोडावरी पुष्करालु के लिए 1000 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। पहले चरण में 300 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे। इसके अलावा बिजली वितरण और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए केंद्र सरकार की आरडीएसएस योजना में शामिल होने हेतु तेलंगाना डीआईएससीओएमएस के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई है। राज्य सरकार ने सभी जूनियर कॉलेजों में मध्याह्न भोजन योजना लागू करने का फैसला किया है।
साथ ही छात्रों को सुबह नाश्ता और दूध उपलब्ध कराने की योजना को भी मंजूरी दी गई है। इसके अलावा डीसीएमएस को मार्कफेड में और टीजीआरआईसी को एचएसीए में विलय करने का निर्णय लिया गया है। पालमूर-रंगारेड्डी लिफ्ट इरिगेशन परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और बुनियादी सुविधाओं हेतु 587 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।

25 बिलियन डॉलर का निवेश आकर्षित
राज्य मंत्रिमंडल ने तेलंगाना को वर्ष 2030 तक दुनिया के शीर्ष 5 लाइफ साइंसेज हब में शामिल करने के लक्ष्य के साथ नेक्स्ट जनरेशन लाइफ साइंसेज पॉलिसी 2026-30 को मंजूरी दी है। इस नीति के माध्यम से अगले पांच वर्षों में 5 लाख रोजगार सृजित करने और 25 बिलियन डॉलर का निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार लाइफ साइंसेज, फार्मा, बायोटेक और मेडिकल इनोवेशन क्षेत्रों में बड़े निवेश को बढ़ावा देना चाहती है। युवाओं को रिसर्च, मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल हेल्थ और ग्लोबल इनोवेशन क्षेत्रों में नए अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। नई नीति के तहत रिसर्च एंड डेवलपमेंट यूनिट्स को भी उद्योग का दर्जा दिया जाएगा और ग्लोबल कैपेबिलिटी व इनोवेशन सेंटरों को तेलंगाना में आकर्षित करने की योजना बनाई गई है।
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