इंडी गठबंधन के खिलाफ नारेबाजी
हैदराबाद। शिवसेना की तेलंगाना इकाई ने संसद में 33% महिला आरक्षण विधेयक को रोके जाने के विरोध में हिमायतनगर स्थित राज्य कार्यालय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘इंडी’ गठबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सिंकारू शिवाजी (sinkaru shivaji) ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए बेहद अहम इस विधेयक को विपक्ष ने राजनीतिक स्वार्थ के चलते रोक दिया, जो देश की महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि दशकों से लंबित यह विधेयक महिलाओं को विधायिका (Legislature) में उचित प्रतिनिधित्व दिलाने का माध्यम है, लेकिन विपक्षी दल इसे रोककर देश की प्रगति में बाधा डाल रहे हैं।
देश की महिलाएं इस “दोहरी नीति” को समझ चुकी हैं
उन्होंने चेतावनी दी कि देश की महिलाएं इस “दोहरी नीति” को समझ चुकी हैं और समय आने पर इसका जवाब देंगी। सिंकारू शिवाजी ने कहा कि एनडीए का मानना है कि “महिला शक्ति ही देश की प्रगति की आधारशिला है” और जब तक महिलाओं को उनका अधिकार नहीं मिल जाता, संघर्ष जारी रहेगा। परिसीमन के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया है कि इससे दक्षिण भारत को कोई नुकसान नहीं होगा, इसके बावजूद कांग्रेस और अन्य दलों ने बिल को रोककर लोकतंत्र के लिए “काला दिन” पैदा किया है।
शिवसेना ने मांग की कि महिला आरक्षण विधेयक को बिना किसी बाधा के तुरंत पारित किया जाए और इसे रोकने वाले दल देश की जनता से माफी मांगें। कार्यक्रम में पार्टी के राज्य महासचिव गोगिकर सुधाकर, कामगार सेना के नेता अहमद, युवासेना नेता गंगाधर तथा विद्यार्थी सेना के नेता अनिल, सागर, रमेश, राहुल, अखिल और विष्णु सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
महिला आरक्षण का 33% आरक्षण क्या है?
इस प्रावधान के तहत महिलाओं के लिए कुल सीटों में से 33% सीटें आरक्षित की जाती हैं, ताकि उनकी भागीदारी बढ़ सके। यह व्यवस्था पहले से पंचायत और नगर निकायों में लागू है। अब संसद और विधानसभाओं में भी इसे लागू करने का प्रावधान नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत किया गया है।
भारत में महिलाओं को कितना आरक्षण है?
देश में महिलाओं के लिए आरक्षण अलग-अलग क्षेत्रों में अलग है। पंचायत और नगर निकायों में कम से कम 33% आरक्षण दिया गया है, जिसे कई राज्यों में बढ़ाकर 50% तक किया गया है। संसद और विधानसभाओं में भी 33% आरक्षण का प्रावधान नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत किया गया है, जो अभी पूरी तरह लागू नहीं हुआ है।
महिला आरक्षण कब लागू होगा?
संसद और विधानसभाओं में 33% महिला आरक्षण नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत लागू होगा, लेकिन इसके लिए पहले जनगणना और परिसीमन (delimitation) की प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है। इसके बाद ही यह प्रावधान प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा, इसलिए इसकी सटीक तारीख अभी तय नहीं है।
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