हैदराबाद। दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) के रेलवे सुरक्षा बल ने अप्रैल 2026 के दौरान विभिन्न सुरक्षा अभियानों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। रेलवे संपत्ति की सुरक्षा, यात्रियों की संरक्षा तथा अपराध नियंत्रण के उद्देश्य से आरपीएफ लगातार विशेष अभियान चला रहा है। आरपीएफ दक्षिण मध्य रेलवे ने सरकारी पुलिस और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर कई अभियानों को प्रभावी ढंग से संचालित किया। ‘ऑपरेशन यात्री सुरक्षा’ के तहत आरपीएफ (RPF) ने 79 आरोपियों को गिरफ्तार कर 71 मामले दर्ज किए तथा 54.52 लाख रुपये मूल्य की चोरी की संपत्ति बरामद की। ‘ऑपरेशन अमानत’ के अंतर्गत यात्रियों की खोई हुई वस्तुओं को सुरक्षित वापस दिलाने में सहायता की गई। इस दौरान 83.35 लाख रुपये मूल्य का 319 सामान बरामद कर संबंधित यात्रियों को सौंपा गया।
‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत 120 बच्चों को बचाया गया
रेलवे के माध्यम से मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए चलाए गए ‘ऑपरेशन नार्कोस’ में 86.17 लाख रुपये मूल्य की गांजा बरामद की गई तथा 16 लोगों को गिरफ्तार कर संबंधित एजेंसियों को सौंपा गया। ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत आरपीएफ ने देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें बचाने का कार्य किया। इस अभियान में 96 बालकों और 24 बालिकाओं सहित कुल 120 बच्चों को सुरक्षित बचाकर बाल कल्याण समिति को सौंपा गया। ‘ऑपरेशन आहट’ के अंतर्गत मानव तस्करी के चंगुल से पांच बालकों को मुक्त कराया गया तथा दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया।
आरपीएफ कर्मियों ने एक व्यक्ति की जान बचाकर किया सराहनीय कार्य
‘ऑपरेशन जीवन रक्षा’ के दौरान आरपीएफ कर्मियों ने एक व्यक्ति की जान बचाकर सराहनीय कार्य किया। ‘ऑपरेशन सतर्क’ के तहत ट्रेनों के माध्यम से अवैध रूप से ले जाई जा रही 2 लाख 47 हजार 650 रुपये मूल्य की शराब जब्त की गई। इस मामले में एक व्यक्ति के विरुद्ध 12 प्रकरण दर्ज किए गए। रेल टिकटों की कालाबाजारी रोकने के लिए चलाए गए ‘ऑपरेशन उपलब्ध’ के अंतर्गत 24 मामले दर्ज कर 26 दलालों को गिरफ्तार किया गया तथा 2 लाख 21 हजार 95 रुपये मूल्य के 66 सक्रिय टिकट जब्त किए गए।
सीसीटीवी तकनीक की सहायता से आरपीएफ ने 11 अपराधियों को पकड़कर 26.65 लाख रुपये मूल्य की चोरी की यात्री संपत्ति बरामद की और आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित एजेंसियों को सौंप दिया। रेलवे संपत्ति की चोरी रोकने के उद्देश्य से चलाए गए ‘ऑपरेशन रेल सुरक्षा’ के तहत 36 मामले दर्ज कर 6 लाख 3 हजार 696 रुपये मूल्य की चोरी की रेलवे संपत्ति बरामद की गई।
दक्षिण मध्य रेलवे कौन सा है?
यह भारतीय रेलवे का एक प्रमुख ज़ोन है, जिसे दक्षिण और मध्य भारत के कई महत्वपूर्ण रेल मार्गों के संचालन के लिए बनाया गया है। इसका गठन वर्ष 1966 में किया गया था। यह ज़ोन तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और कुछ अन्य क्षेत्रों में रेल सेवाएं संचालित करता है। यात्री और माल परिवहन दोनों में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। कई बड़े रेलवे स्टेशन और महत्वपूर्ण मार्ग इसी ज़ोन के अंतर्गत आते हैं, जिससे व्यापार और यात्रा सुविधाओं को बढ़ावा मिलता है।
दक्षिण मध्य रेलवे का मुख्यालय कहाँ है?
Secunderabad में इसका मुख्यालय स्थित है। यहीं से प्रशासनिक और परिचालन संबंधी कार्यों का संचालन किया जाता है। यह भारतीय रेलवे के प्रमुख ज़ोनल मुख्यालयों में गिना जाता है। दक्षिण भारत के कई महत्वपूर्ण रेल मार्गों की निगरानी और प्रबंधन इसी मुख्यालय से किया जाता है। यात्री सुविधाओं, माल परिवहन और रेलवे विकास परियोजनाओं में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।
रेलवे की 1 महीने की सैलरी कितनी होती है?
वेतन पद, अनुभव और विभाग के अनुसार अलग-अलग होता है। ग्रुप डी, तकनीकी कर्मचारी, क्लर्क, स्टेशन मास्टर और अधिकारियों के वेतनमान अलग होते हैं। शुरुआती स्तर पर सरकारी वेतनमान के अनुसार मासिक आय के साथ महंगाई भत्ता, यात्रा भत्ता और अन्य सुविधाएं भी मिलती हैं। प्रमोशन और अनुभव बढ़ने पर वेतन में वृद्धि होती रहती है। भारतीय रेलवे देश के सबसे बड़े सरकारी नियोक्ताओं में गिना जाता है और इसमें कई प्रकार की नौकरी के अवसर उपलब्ध होते हैं।
दक्षिण मध्य रेलवे में कितने मंडल हैं?
वर्तमान समय में इस ज़ोन के अंतर्गत छह प्रमुख मंडल माने जाते हैं। इनमें सिकंदराबाद, हैदराबाद, विजयवाड़ा, गुंटकल, गुंटूर और नांदेड़ मंडल शामिल हैं। प्रत्येक मंडल अपने क्षेत्र में रेल संचालन, यात्री सेवाओं और रखरखाव कार्यों की जिम्मेदारी संभालता है। बड़े नेटवर्क और भारी यातायात के कारण यह ज़ोन भारतीय रेलवे के महत्वपूर्ण हिस्सों में गिना जाता है। यात्रियों और माल परिवहन की सुविधा बढ़ाने के लिए समय-समय पर नई परियोजनाओं पर भी कार्य किया जाता है।
Read Telugu News: https://vaartha.com/
यह भी पढ़ें :