Firing Case : आरोपियों की तलाश में विशेष पुलिस टीमें गठित

By Ajay Kumar Shukla | Updated: January 31, 2026 • 11:06 PM

हैदराबाद। कोटी इलाके में शनिवार सुबह हुई सशस्त्र लूट (Armed robbery) और गोलीबारी की घटना को गंभीरता से लेते हुए हैदराबाद सिटी पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई विशेष अपराध जांच टीमें गठित की हैं। इस संबंध में सुल्तानबाजार (Sultanbazar) पुलिस थाने में एफआईआर नंबर 28/2026 दर्ज की गई है। मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109 (हत्या का प्रयास) और 309 (लूट), तथा आर्म्स एक्ट 1959 की धारा 27 के तहत दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता रिंशाद पी. वी. (26) केरल के कोक्झिकोड से ताल्लुक रखते हैं और वर्तमान में नामपल्ली स्थित जनाथ अपार्टमेंट्स में रह रहे हैं, रेडीमेड बच्चों के कपड़ों के व्यापारी हैं।

6 लाख नकद लेकर आए थे हैदराबाद

उन्होंने बताया कि वे 7 जनवरी को देवान देवड़ी में थोक खरीदारी के लिए 6 लाख नकद लेकर हैदराबाद आए थे। खरीदारी नहीं हो पाने पर उनके चचेरे भाई मिशबान ने पैसे बैंक में जमा करने की सलाह दी। 31 जनवरी को सुबह करीब 7 बजे वे अपने मित्र अमीर के वाहन से कोटी स्थित बैंक स्ट्रीट में एसबीआई मुख्य शाखा के एटीएम पहुंचे। जब वे नकद जमा कर रहे थे, तभी पीछे से आए दो अज्ञात व्यक्तियों ने बंदूक तानकर उन्हें धमकाया। आरोपियों ने दो गोलियां चलाईं, जिनमें से एक गोली शिकायतकर्ता के दाहिने पैर में लगी, जिससे वह घायल हो गया। इसके बाद आरोपी नकदी से भरा बैग और वाहन की चाबियां छीनकर फरार हो गए।

नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

आरोपी चादरघाट सिग्नल होते हुए निम्बोलीअड्डा, काचिगुड़ा पहुंचे, जहां उन्होंने वाहन छोड़ दिया। कपड़े बदलने के बाद वे पैदल ही काचिगुड़ा एक्स रोड्स की ओर फरार हो गए। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच, तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण और पड़ोसी इलाकों के साथ समन्वय कर आरोपियों को शीघ्र पकड़ने के प्रयास में जुटी है। पुलिस ने बताया कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

विशेष पुलिस अधिकारी क्या होता है?

कानूनी रूप से विशेष पुलिस अधिकारी (Special Police Officer – SPO) वह व्यक्ति होता है, जिसे अस्थायी रूप से पुलिस की सहायता के लिए नियुक्त किया जाता है। इन्हें आपात स्थिति, चुनाव, दंगा नियंत्रण या सुरक्षा कार्यों में लगाया जाता है। इनके अधिकार सीमित होते हैं और यह नियमित पुलिस का स्थान नहीं लेते।

भारत में एक विशेष पुलिस अधिकारी का वेतन कितना है?

सामान्य तौर पर भारत में विशेष पुलिस अधिकारी को स्थायी वेतन नहीं मिलता। उन्हें मानदेय दिया जाता है, जो राज्य के अनुसार अलग-अलग होता है। यह आमतौर पर 8,000 से 15,000 रुपये प्रतिमाह या दैनिक आधार पर तय किया जाता है। सुविधाएँ और अवधि राज्य सरकार तय करती है।

2 स्टार वाली पुलिस को क्या कहते हैं?

पदक्रम के अनुसार पुलिस की वर्दी पर 2 स्टार वाले अधिकारी को डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) या कुछ राज्यों में असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) कहा जाता है। यह एक राजपत्रित अधिकारी होता है और थाना स्तर से ऊपर, लेकिन एसपी से नीचे का पद माना जाता है।

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