तिरुपति। ओंटिमिट्टा में आयोजित श्री सीतारामुलु कल्याणोत्सव (Sri Sitaramulu Kalyanotsav) के अवसर पर भक्तों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए टीटीडी ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। यह जानकारी टीटीडी के एडिशनल ईओ सीएच. वेंकैया चौधरी ने बुधवार को दी। श्री चौधरी ने जिला कलेक्टर चेर्कुरी श्रीधर के साथ कल्याण वेदिका पर तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि भक्तों के लिए गैलरी का आयोजन किया गया है ताकि वे कल्याणोत्सव का आनंद (Pleasure) पूरी संतुष्टि के साथ ले सकें। प्रसाद वितरण और अन्नप्रसाद के लिए विशेष काउंटर बनाए गए हैं, और भक्तों के लिए क्यू प्रणाली सुनिश्चित की गई है ताकि सभी सुव्यवस्थित तरीके से सेवा प्राप्त कर सकें।
भक्तों को व्यापक सेवाएं प्रदान कर रहे श्रीवारी सेवक
एडिशनल ईओ ने कहा कि श्रीवारी सेवक भक्तों को व्यापक सेवाएं प्रदान कर रहे हैं, वहीं जिला प्रशासन, टीटीडी अधिकारी और कर्मचारी योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रहे हैं। ओंटिमिट्टा में श्री कोदंडराम स्वामी मंदिर और कल्याण वेदिका के आसपास विद्युत सजावट और पुष्प अलंकरण विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। भक्तों से आग्रह किया गया है कि वे क्यू प्रणाली का पालन करते हुए कल्याण वेदिका तक पहुंचें और कल्याण समाप्त होने के बाद उसी क्रम में लौटें। इस निरीक्षण कार्यक्रम में जिला टीटीडी जेईओ वी. वीरब्रह्मम, सीवीएसओ के. वी. मुरलीकृष्ण, जिला प्रशासन और टीटीडी अधिकारी मौजूद रहे।
तिरुपति बालाजी मंदिर कब जाना चाहिए?
दर्शन के लिए सबसे अच्छा समय सुबह जल्दी या रात देर का माना जाता है, जब भीड़ अपेक्षाकृत कम होती है। सप्ताह के मध्य दिन (मंगलवार से गुरुवार) भी बेहतर रहते हैं। त्योहारों और छुट्टियों में अधिक भीड़ होती है। तिरुमला वेंकटेश्वर मंदिर में ब्रह्म मुहूर्त या सुबह के समय दर्शन करना विशेष शुभ माना जाता है।
तिरुपति में क्या चीज़ प्रसिद्ध है?
यह स्थान भगवान वैंकटेश्वर के प्रसिद्ध मंदिर के लिए जाना जाता है। इसके अलावा यहां का “तिरुपति लड्डू” प्रसाद बहुत प्रसिद्ध है। मंदिर की वास्तुकला, धार्मिक वातावरण और हर साल आने वाले लाखों श्रद्धालु इसे खास बनाते हैं। आसपास की पहाड़ियां और प्राकृतिक सुंदरता भी आकर्षण का केंद्र हैं।
तिरुपति में 300 रुपये के दर्शन करने में कितने घंटे लगेंगे?
₹300 वाले शीघ्र दर्शन (Special Entry Darshan) में आमतौर पर 2 से 4 घंटे का समय लग सकता है। भीड़, त्योहार और सीजन के अनुसार यह समय बढ़कर 5-6 घंटे भी हो सकता है। तिरुमला वेंकटेश्वर मंदिर में दर्शन का समय पूरी तरह भीड़ और प्रबंधन पर निर्भर करता है, इसलिए पहले से योजना बनाना बेहतर रहता है।
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