40 अपराधी गिरफ्तार, 22.05 लाख की संपत्ति बरामद
हैदराबाद। दक्षिण मध्य रेलवे की रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने रेलवे संपत्ति (Railway property) की सुरक्षा तथा यात्रियों की संरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए जनवरी 2026 के दौरान सघन अभियान चलाते हुए उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। आरपीएफ ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा, चोरी की घटनाओं पर नियंत्रण, मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक तथा असामाजिक तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई उसके प्रमुख लक्ष्य हैं, जिनकी पूर्ति के लिए वह राजकीय रेलवे पुलिस (Government Railway Police) और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय कर कार्य कर रही है। ‘ऑपरेशन यात्री सुरक्षा’ के तहत 40 अपराधियों को गिरफ्तार कर 41 मामले दर्ज किए गए तथा 22.05 लाख रुपये मूल्य की चोरी की संपत्ति बरामद की गई।
1,65,505 रुपये मूल्य की शराब जब्त
‘ऑपरेशन अमानत’ के अंतर्गत यात्रियों के 351 खोए सामान, जिनकी कुल कीमत 1.05 करोड़ रुपये है, बरामद कर उन्हें उनके वास्तविक मालिकों को सौंपा गया। मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध चलाए गए ‘ऑपरेशन नारकोस’ में 38.83 लाख रुपये मूल्य की गांजा जब्त कर 11 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत परिवार से बिछड़े 126 बच्चों, जिनमें 105 बालक और 21 बालिकाएं शामिल हैं, को सुरक्षित बचाकर चाइल्ड वेलफेयर कमेटी को सौंपा गया। ‘ऑपरेशन सतर्क’ के अंतर्गत ट्रेनों से अवैध रूप से ले जाई जा रही 1,65,505 रुपये मूल्य की शराब जब्त की गई और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ आबकारी विभाग ने मामले दर्ज किए।
‘ऑपरेशन उपलब्ध’ में 15 दलालों को किया गिरफ्तार
टिकट दलालों पर नकेल कसने के लिए चलाए गए ‘ऑपरेशन उपलब्ध’ में 15 दलालों को गिरफ्तार कर 69 लाइव टिकट, जिनकी कीमत 1,49,917 रुपये है, जब्त किए गए। इसके अतिरिक्त सीसीटीवी तकनीक की मदद से चार अपराधियों को पकड़कर 8,03,000 रुपये मूल्य की चोरी की संपत्ति बरामद की गई, जबकि ‘ऑपरेशन रेल सुरक्षा’ के तहत 31 मामलों का पता लगाकर 4,06,064 रुपये मूल्य की रेलवे संपत्ति बरामद की गई। आरपीएफ अधिकारियों ने कहा है कि रेलवे परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए यह अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा।
दक्षिण मध्य रेलवे का मुख्यालय कहाँ है?
इस ज़ोन का मुख्यालय सिकंदराबाद में स्थित है। यह स्थान प्रशासनिक और परिचालन गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। यहीं से विभिन्न मंडलों के कार्यों की निगरानी और समन्वय किया जाता है। आधुनिक नियंत्रण कक्ष, प्रबंधन विभाग और अधिकारी इसी मुख्यालय से पूरे क्षेत्र की रेल सेवाओं को संचालित करते हैं, जिससे यात्रियों को सुरक्षित और सुचारु रेल सुविधा मिल सके।
दक्षिण मध्य रेलवे में कितने मंडल हैं?
इस रेलवे ज़ोन में कुल छह मंडल कार्यरत हैं। ये मंडल हैं—सिकंदराबाद मंडल, हैदराबाद मंडल, विजयवाड़ा मंडल, गुंटूर मंडल, नांदेड़ मंडल और गुंतकल मंडल। प्रत्येक मंडल अपने-अपने क्षेत्र में ट्रेनों के संचालन, रखरखाव और यात्री सेवाओं की जिम्मेदारी निभाता है।
दक्षिण मध्य रेलवे क्या है?
यह भारतीय रेलवे का एक महत्वपूर्ण ज़ोन है, जो दक्षिण भारत के कई राज्यों में रेल सेवाएँ संचालित करता है। इसकी स्थापना 1966 में की गई थी। यह ज़ोन तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में यात्री और मालगाड़ियों का संचालन करता है। क्षेत्रीय आर्थिक विकास और यातायात सुविधा में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
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