240 लोग पकड़े गए, सभी को कोर्ट में किया जाएगा पेश
हैदराबाद। साइबराबाद यातायात पुलिस ने वीकेंड के दौरान विशेष अभियान चलाकर शराब (wine) पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। इस अभियान में कुल 240 लोगों को पकड़ा गया। वाहनों के आधार पर मामलों का विवरण इस प्रकार है-दोपहिया वाहन 193, तिपहिया वाहन 9, चारपहिया वाहन 38, जबकि भारी वाहनों का कोई मामला सामने नहीं आया। जांच के दौरान शराब की मात्रा के आधार पर भी लोगों को वर्गीकृत (Classified) किया गया। 199 लोगों में शराब की मात्रा 36 से 200 मिलीग्राम प्रति 100 मिलीलीटर पाई गई, 32 लोगों में यह मात्रा 201 से 300 मिलीग्राम रही, जबकि 9 लोगों में 301 से 550 मिलीग्राम तक पाई गई।
सभी आरोपियों को न्यायालय में किया जाएगा पेश
पुलिस के अनुसार, सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस ने स्पष्ट किया कि शराब के नशे में वाहन चलाना गंभीर अपराध है। यदि कोई व्यक्ति नशे की हालत में वाहन चलाते हुए किसी की मौत का कारण बनता है, तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 105 के तहत मामला दर्ज किया जाएगा, जिसमें अधिकतम 10 साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। वहीं, पिछले सप्ताह 6 अप्रैल से 11 अप्रैल के बीच कुल 86 मामलों का निस्तारण न्यायालय में किया गया। इनमें 2 लोगों को जुर्माने के साथ जेल की सजा, 1 व्यक्ति को जुर्माने के साथ सामाजिक सेवा, जबकि 83 लोगों को केवल जुर्माना लगाया गया।
शराब पीकर गाड़ी चलाने के लिए कौन सा केमिकल इस्तेमाल किया जाता है?
जांच के लिए सांस में मौजूद अल्कोहल की मात्रा मापी जाती है। इसके लिए ब्रेथ एनालाइज़र नामक उपकरण का उपयोग होता है, जो मुख्य रूप से एथेनॉल (इथाइल अल्कोहल) की उपस्थिति को पहचानता है। एथेनॉल ही शराब में पाया जाने वाला प्रमुख केमिकल है। यह उपकरण चालक की सांस के नमूने से अल्कोहल स्तर बताकर यह तय करता है कि व्यक्ति वाहन चलाने योग्य है या नहीं।
शराब पीकर वाहन क्यों नहीं चलना चाहिए?
ऐसी स्थिति में व्यक्ति की प्रतिक्रिया क्षमता, निर्णय लेने की शक्ति और संतुलन प्रभावित हो जाते हैं। इससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। शराब के प्रभाव में चालक सही समय पर ब्रेक नहीं लगा पाता और नियंत्रण खो सकता है। इससे न केवल चालक बल्कि अन्य लोगों की जान भी खतरे में पड़ जाती है। इसलिए सड़क सुरक्षा के लिए हमेशा नशे से दूर रहकर ही वाहन चलाना चाहिए।
धारा 185 के तहत शराब पीकर वाहन चलाने पर पहली बार पकड़े जाने पर अधिकतम सजा क्या हो सकती है?
पहली बार दोषी पाए जाने पर व्यक्ति को अधिकतम 6 महीने तक की जेल या 10,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। यह सजा तब लागू होती है जब चालक के खून में अल्कोहल की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक पाई जाती है। इस कानून का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को कम करना और लोगों को सुरक्षित ड्राइविंग के लिए प्रेरित करना है।
Read Telugu News: https://vaartha.com/
यह भी पढ़ें :