तीन चरणों में स्वीकृत सड़कों और पुलों के निर्माण पूरे
हैदराबाद। तेलंगाना सरकार (Telangana Government) ने राज्य में सड़क संपर्क से वंचित 227 बसावटों में 642 किलोमीटर सड़कों के निर्माण के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया है। यह कार्य प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के चौथे चरण के अंतर्गत किया जाएगा। मंगलवार को सचिवालय में राज्य स्तरीय स्थायी समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें पीएमजीएसवाई के चौथे चरण से संबंधित प्रस्तावों पर चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव के. रामकृष्ण राव ने की। उनके साथ विशेष मुख्य सचिव विकास राज, प्रधान सचिव एन. श्रीधर तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
पुलों के निर्माण कार्य पूरे
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने बताया कि पीएमजीएसवाई के पहले तीन चरणों में स्वीकृत सड़कों और पुलों के निर्माण कार्य पूरे कर लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अब चौथे चरण के तहत तेलंगाना में सड़क सुविधा से वंचित 227 बसावटों में कुल 642.23 किलोमीटर सड़कों के विकास हेतु प्रस्ताव भेजना आवश्यक है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रस्तावित कार्यों में से 34 परियोजनाओं के अंतर्गत 148 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए वन विभाग की अनुमति आवश्यक है। इस पर प्रधान सचिव श्रीधर ने जानकारी दी कि इन मार्गों पर प्रस्तावित पुलों के निर्माण से संबंधित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) एक सप्ताह के भीतर तैयार कर ली जाएगी।
सचिवालय का मतलब क्या होता है?
राज्य या केंद्र सरकार का वह मुख्य प्रशासनिक कार्यालय, जहाँ नीतियाँ बनाई जाती हैं और महत्वपूर्ण सरकारी निर्णयों पर काम होता है, सचिवालय कहलाता है। यहीं से विभिन्न विभागों का संचालन, फाइलों का निपटारा और मंत्रियों को प्रशासनिक सहायता दी जाती है। यह भवन या संस्था सरकार और जनता के बीच सेतु का काम करती है। सचिवालय में अधिकारी, कर्मचारी और मंत्री मिलकर शासन की दिशा और कार्ययोजना तय करते हैं।
सचिवालय में सबसे बड़ा अधिकारी कौन होता है?
राज्य स्तर पर सचिवालय का सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी मुख्य सचिव होता है। यह अधिकारी पूरे राज्य प्रशासन का वरिष्ठतम नौकरशाह माना जाता है और मुख्यमंत्री व मंत्रिपरिषद को सलाह देता है। सभी विभागीय सचिव मुख्य सचिव के अधीन कार्य करते हैं। नीतिगत निर्णयों के क्रियान्वयन, प्रशासनिक समन्वय और सरकारी मशीनरी को सुचारु रूप से चलाने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी इसी पद पर होती है।
सचिवालय का पेमेंट कितना है?
वेतन पद और सेवा के अनुसार अलग-अलग होता है। सचिवालय में क्लर्क, सेक्शन ऑफिसर, अंडर सेक्रेटरी, डिप्टी सेक्रेटरी और सचिव जैसे पद होते हैं। शुरुआती स्तर पर वेतन लगभग 25–40 हजार रुपये मासिक हो सकता है, जबकि वरिष्ठ अधिकारियों का वेतन 1.5 से 2.5 लाख रुपये या उससे अधिक होता है। इसके अलावा महंगाई भत्ता, आवास और अन्य सरकारी सुविधाएँ भी मिलती हैं।
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