बच्चों को दुलारते और पुचकारते दिखे पुलिसकर्मी
हैदराबाद। तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक (DGP) बी. शिवधर रेड्डी ने दावा कि राज्य के सात नगर निगमों और 116 नगरपालिकाओं में मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्वक संपन्न हुई है। बुधवार को अपने कार्यालय स्थित कमांड कंट्रोल सेंटर से उन्होंने अतिरिक्त डीजीपी (कानून-व्यवस्था) (Law and order) महेश एम. भगवत के साथ राज्यभर में चल रही मतदान प्रक्रिया की वेबकास्टिंग प्रणाली के माध्यम से निगरानी की। विशेष रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में हो रहे मतदान को वेबकास्टिंग के जरिए सीधे देखते हुए उन्होंने समय-समय पर क्षेत्रीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए।
वृद्धों के मतदान में पुलिसकर्मियों ने की सहायता
इस अवसर पर चुनाव आयोग कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में डीजीपी ने कहा कि वेबकास्टिंग प्रणाली के माध्यम से राज्य के सभी मतदान केंद्रों की स्थिति की निरंतर जानकारी मिलती रही। कैमरों की निगरानी और पुलिस बल की तैनाती के कारण कानून-व्यवस्था की कोई समस्या उत्पन्न नहीं हुई। उन्होंने शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने में पुलिस कर्मियों की प्रतिबद्धता के साथ-साथ आधुनिक वेबकास्टिंग तकनीक की सराहना की।डीजीपी ने बताया कि इन चुनावों के लिए तेलंगाना पुलिस ने अत्यंत सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था की थी। राज्यभर में कुल 8,203 मतदान केंद्रों को कवर करते हुए व्यापक सुरक्षा प्रदान की गई।
संवेदनशीलता के अनुसार बलों की तैनाती
इनमें से 1,302 को अत्यंत संवेदनशील (हाइपर सेंसिटिव), 1,926 को संवेदनशील (सेंसिटिव) और 4,975 को सामान्य केंद्र के रूप में चिह्नित कर उनकी संवेदनशीलता के अनुसार बलों की तैनाती की गई। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस विभाग के अतिरिक्त अन्य विभागों से लगभग 3,000 अतिरिक्त बलों को भी तैनात किया गया, जिनमें टीजीएसपी, वन, आबकारी, सीआईडी और लीगल मेट्रोलॉजी विभाग शामिल हैं। प्रत्येक मतदान केंद्र के भीतर तथा अत्यंत संवेदनशील केंद्रों के बाहर 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग सुनिश्चित की गई, जिससे चुनाव प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता संभव हो सकी।
वृद्ध एवं दिव्यांग मतदाताओं को व्हीलचेयर के माध्यम से मतदान केंद्र तक पहुंचाया
राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में वृद्ध मतदाताओं को मतदान कराने में पुलिस कर्मियों ने सहयोग प्रदान किया। निजामाबाद में पुलिस आयुक्त पी. साई चैतन्य, नलगोंडा जिला एसपी शरत चंद्र पवार, वनपर्थी जिला एसपी सुनीता रेड्डी और पेद्दापल्ली डीसीपी बी. राम रेड्डी ने वृद्ध एवं दिव्यांग मतदाताओं को व्हीलचेयर के माध्यम से मतदान केंद्र तक पहुंचाया। मुलुगु जिले में नगरपालिका चुनाव ड्यूटी पर तैनात चौथी बटालियन के कर्मियों ने बेहोश होकर गिर पड़े एक मतदाता को प्राथमिक उपचार देकर अस्पताल पहुंचाया। साथ ही वहां उपस्थित वृद्ध मतदाताओं को मतदान केंद्र तक ले जाकर मतदान करने में सहायता की।इसी प्रकार संगारेड्डी जिले के जिन्नारम मंडल के अंतर्गत रालकतला क्षेत्र में वृद्धों को ऑटो से मतदान केंद्र तक पहुंचाकर सहयोग दिया गया। महबूबाबाद जिले में पुलिस कर्मियों ने मतदाताओं के छोटे बच्चों की देखभाल की, जब तक वे मतदान कर वापस नहीं लौटे।
भारत में वर्तमान पुलिस महानिदेशक कौन है?
भारत में पूरे देश के लिए एक ही पुलिस महानिदेशक नहीं होता। हर राज्य का अपना अलग पुलिस महानिदेशक (DGP) होता है, जो उस राज्य की पुलिस का सर्वोच्च अधिकारी होता है। केंद्र स्तर पर पुलिस बलों के लिए अलग-अलग प्रमुख अधिकारी होते हैं, लेकिन “भारत का एकमात्र DGP” जैसा कोई पद नहीं है।
पुलिस में सबसे बड़ा अधिकारी कौन है?
राज्य पुलिस व्यवस्था में सबसे बड़ा अधिकारी पुलिस महानिदेशक (DGP) होता है। वही पूरे राज्य की कानून-व्यवस्था, प्रशासन और पुलिस बल का प्रमुख होता है। उनके अधीन एडीजीपी, आईजी, डीआईजी, एसपी जैसे अधिकारी कार्य करते हैं।
DGP से ऊपर कौन होता है?
राज्य पुलिस ढांचे में DGP से ऊपर कोई पुलिस पद नहीं होता। हालांकि प्रशासनिक रूप से वे राज्य के गृह विभाग और अंततः मुख्यमंत्री के अधीन काम करते हैं। केंद्र सरकार के स्तर पर गृह सचिव जैसे अधिकारी प्रशासनिक रूप से उच्च माने जाते हैं, लेकिन पुलिस रैंक में DGP सर्वोच्च होता है।
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