मंत्री ने तेलंगाना पुलिस रिट्रीट-2026 का शुभारंभ किया
हैदराबाद। तेलंगाना आईटी और उद्योग मंत्री दुद्दिल्ल श्रीधर बाबू (Duddilla Sridhar Babu) ने रविवार को आर.बी.वी.आर.आर. तेलंगाना पुलिस अकादमी में ‘तेलंगाना पुलिस रिट्रीट-2026’ का उद्घाटन करते हुए कहा कि बदलती जरूरतों के अनुरूप अपराध जांच में अत्याधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता तकनीकों का पुलिस विभाग द्वारा प्रभावी उपयोग किया जाना चाहिए। मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि जब वे पहली बार विधायक बने थे, उस समय राज्य में नक्सलवाद काफी फैला हुआ था। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों (police officers) और कर्मचारियों की निरंतर मेहनत और त्याग के कारण आज आतंकवाद लगभग समाप्त हो गया है। उन्होंने उन अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना की जिन्होंने बिना छुट्टी लिए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाह किया और अपने प्राणों की आहुति दी।
पुलिसिंग सिस्टम को तैयार करना इस रिट्रीट का मुख्य उद्देश्य
मंत्री ने कहा कि भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए पुलिसिंग सिस्टम को तैयार करना इस रिट्रीट का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि वे आत्म-विश्लेषण करें कि क्या वे अपने कर्तव्यों का निष्पक्षता और न्याय के साथ पालन कर रहे हैं। जब पुलिस जनता के बीच विश्वास पैदा करेगी तभी विभाग को मान्यता मिलेगी। मंत्री ने रिट्रीट के माध्यम से पुलिस विभाग की कार्यकुशलता और प्रतिष्ठा बढ़ाने की आशा व्यक्त की। डीजीपी बी. शिवधर रेड्डी ने कहा कि रिट्रीट में होने वाली चर्चाएँ वास्तविक और व्यावहारिक होनी चाहिए।
उन्होंने सुझाव दिया कि सरकारी नीतियों के अनुरूप पुलिस विभाग में आवश्यक सुधारों पर मंथन किया जाए। अधिकारियों को खुले मंच पर अपने विचार निर्भयता से व्यक्त करने और उन्हें क्षेत्रीय स्तर पर लागू करने के लिए प्रेरित किया जाए। पूर्व डीजीपी महेंद्र रेड्डी ने कहा कि जनसंख्या बढ़ने की दर के अनुरूप हमेशा पर्याप्त कर्मचारियों की नियुक्ति संभव नहीं है, इसलिए उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए कार्यकुशलता बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए।
तेलंगाना पुलिस देश में अग्रणी
उन्होंने कहा कि वर्तमान में तेलंगाना पुलिस देश में अग्रणी है और इस स्थिति को स्थिर बनाए रखना आवश्यक है। पूर्व डीजीपी एच. जे. डोरा ने अधिकारियों से कहा कि वे अपने अनुभवों का लाभ उठाकर शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने में बेहतर परिणाम प्राप्त करें। अकादमी के निदेशक अभिलाष बिस्ट ने बताया कि दो दिवसीय कार्यक्रम में अधिकारियों को छह समूहों में विभाजित किया गया है। उन्होंने कहा कि विभिन्न मुद्दों पर गहन चर्चा की जाएगी और रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इस कार्यक्रम में टीजीसीएसबी निदेशक शिखा गोयल, शांति एवं सुरक्षा अतिरिक्त डीजीपी महेश एम. भगवत, ग्रेहाउंड्स अतिरिक्त डीजीपी अनिल कुमार, ‘ईगल’ निदेशक संदीप सांडिल्य, साइबराबाद सीपी डॉ. एम. रमेश सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हुए।
तेलंगाना पुलिस की सैलरी कितनी होती है?
राज्य में पुलिस कर्मचारियों का वेतन उनके पद के अनुसार अलग-अलग होता है। उदाहरण के लिए तेलंगाना पुलिस में कॉन्स्टेबल का शुरुआती वेतन लगभग 30,000 से 40,000 रुपये प्रतिमाह के आसपास हो सकता है, जबकि सब-इंस्पेक्टर और उच्च अधिकारियों का वेतन इससे अधिक होता है। इसके अलावा सरकारी भत्ते, महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता और अन्य सुविधाएं भी मिलती हैं, जिससे कुल आय और बढ़ जाती है।
तेलंगाना में पुलिस अधिकारी के लिए आयु सीमा क्या है?
पुलिस भर्ती के लिए आयु सीमा पद के अनुसार निर्धारित की जाती है। आमतौर पर तेलंगाना स्टेट लेवल पुलिस रिक्रूटमेंट बोर्ड द्वारा जारी नियमों के अनुसार कॉन्स्टेबल पद के लिए न्यूनतम आयु लगभग 18 वर्ष और अधिकतम आयु लगभग 22 वर्ष रखी जाती है। सब-इंस्पेक्टर जैसे पदों के लिए अधिकतम आयु सामान्यतः लगभग 25 वर्ष तक हो सकती है। आरक्षित वर्गों के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट भी दी जाती है।
तेलंगाना में कितने थाने हैं?
सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे तेलंगाना में बड़ी संख्या में पुलिस स्टेशन स्थापित किए गए हैं। राज्य में लगभग 800 से अधिक थाने कार्य कर रहे हैं, जो अलग-अलग जिलों और शहरों में स्थित हैं। इन सभी थानों का संचालन तेलंगाना पुलिस के अधीन होता है और इनका मुख्य कार्य कानून व्यवस्था बनाए रखना, अपराध की जांच करना तथा जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
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