मुख्य सचिव ने विभागीय प्रगति की समीक्षा की
हैदराबाद। तेलंगाना राइजिंग 2047 (Telangana Rising 2047) के लक्ष्यों के अनुरूप राज्य सरकार के मुख्य सचिव के. रामकृष्णराव (K. Ramakrishna Rao) ने डॉ. बी.आर. अंबेडकर राज्य सचिवालय में विभिन्न विभागों की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार पिछले तीन दिनों से चल रही इन बैठकों के क्रम में आज कृषि, सहकारिता, पशुपालन, डेयरी विकास, मत्स्य, वन, पर्यावरण, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, श्रम, रोजगार, प्रशिक्षण, फैक्ट्री एवं सामान्य प्रशासन विभागों की प्रगति पर चर्चा की गई। कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने किसान कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए बीज एवं उर्वरकों की समय पर उपलब्धता, आईटी आधारित वितरण प्रणाली, डिजिटल क्रॉप सर्वे तथा फसल उत्पादकता बढ़ाने के निर्देश दिए।
कार्यप्रणाली, ऋण वितरण एवं पारदर्शिता पर दिया गया बल
सहकारिता विभाग के अंतर्गत सहकारी संस्थाओं की कार्यप्रणाली, ऋण वितरण एवं पारदर्शिता पर बल दिया गया। पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य विभागों की समीक्षा में पशु चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, मछुआरों के कल्याण तथा जलाशयों में मत्स्य उत्पादन को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया। पर्यावरण एवं वन विभाग की समीक्षा में पर्यावरण संरक्षण, वन क्षेत्र विस्तार, जैव विविधता संरक्षण तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने हेतु उठाए जा रहे कदमों पर चर्चा हुई।
खाद्य सुरक्षा अधिनियम के क्रियान्वयन की समीक्षा
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अंतर्गत सार्वजनिक वितरण प्रणाली, सन्ना चावल की आपूर्ति, राशन दुकानों की कार्यप्रणाली एवं खाद्य सुरक्षा अधिनियम के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। श्रम, रोजगार एवं प्रशिक्षण विभाग की बैठक में युवाओं के लिए कौशल विकास, उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने और निर्धारित लक्ष्यों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।

2047 में तेलंगाना राइजिंग का क्या अर्थ है?
दृष्टिकोण के रूप में “तेलंगाना राइजिंग 2047” का अर्थ है राज्य को भारत की आज़ादी के 100 वर्ष पूरे होने तक विकसित, आत्मनिर्भर और अग्रणी बनाना। इसमें औद्योगिक विकास, रोजगार, शिक्षा, कृषि, तकनीक और सामाजिक समावेशन पर ज़ोर दिया जाता है, ताकि तेलंगाना राष्ट्रीय प्रगति में अहम भूमिका निभा सके।
तेलंगाना भारत का 29वां राज्य कब बना?
ऐतिहासिक रूप से तेलंगाना का गठन 2 जून 2014 को हुआ था। लंबे जनआंदोलन और राजनीतिक प्रक्रिया के बाद इसे भारत का 29वां राज्य बनाया गया। हैदराबाद को प्रारंभ में तेलंगाना और आंध्र प्रदेश की साझा राजधानी घोषित किया गया था, जो बाद में केवल तेलंगाना की राजधानी बना।
तेलंगाना में बीजेपी कितनी मजबूत है?
राजनीतिक नजरिए से तेलंगाना में बीजेपी की स्थिति धीरे-धीरे मजबूत हुई है। शहरी इलाकों, खासकर हैदराबाद और कुछ जिलों में पार्टी का प्रभाव बढ़ा है। हालांकि राज्य की राजनीति में अभी भी क्षेत्रीय दलों का दबदबा है, लेकिन बीजेपी एक प्रमुख विपक्षी शक्ति के रूप में उभरी है।
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