Telangana : उगादी पर राज्यपाल ने शांति और समृद्धि की कामना की

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हैदराबाद। तेलंगाना के राज्यपाल ने ‘श्री पराभव नाम संवत्सर उगादी’ पर्व के अवसर पर देश-विदेश में रह रहे सभी तेलुगु भाषी (Telugu speaking) लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेश में राज्यपाल ने कहा कि यह पावन पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए। उन्होंने उगादी को उल्लास और आशा का प्रतीक बताते हुए कहा कि नया वर्ष नई उमंग और उज्ज्वल भविष्य की सौगात लेकर आता है। राज्यपाल ने कहा कि उगादी पच्चड़ी के विभिन्न स्वाद जीवन के विविध अनुभवों का प्रतीक हैं, जो हमें हर परिस्थिति का सकारात्मकता के साथ सामना करने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कामना की कि ‘श्री पराभव नाम संवत्सर’ सभी के जीवन में शांति, समृद्धि, सौहार्द, स्वास्थ्य (Harmony, Health) और खुशियां लेकर आए।

उगादी उत्सव कहां मनाया जाता है?

यह त्योहार मुख्य रूप से दक्षिण भारत के राज्यों Andhra Pradesh, Telangana और Karnataka में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह तेलुगु और कन्नड़ नववर्ष के रूप में माना जाता है। इस दिन लोग घरों की सफाई करते हैं, रंगोली बनाते हैं और विशेष व्यंजन तैयार करते हैं। धार्मिक पूजा और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ यह त्योहार नई शुरुआत और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है।

उगादि का अर्थ क्या है?

इस शब्द का अर्थ “नए युग की शुरुआत” होता है। यह संस्कृत के “युग” (समय) और “आदि” (शुरुआत) शब्दों से मिलकर बना है। इस दिन से नए वर्ष की शुरुआत मानी जाती है, इसलिए इसे नए समय, नई उम्मीदों और नए संकल्पों का प्रतीक माना जाता है। लोग इस अवसर पर पुराने दुखों को भूलकर नई खुशियों और सफलता की कामना करते हैं।

उगादी 1997 एक हिट या फ्लॉप फिल्म है?

तेलुगु फिल्म Ugadi को बॉक्स ऑफिस पर विशेष सफलता नहीं मिली थी और इसे आमतौर पर औसत या फ्लॉप फिल्मों की श्रेणी में रखा जाता है। हालांकि इसमें उस समय के कुछ लोकप्रिय कलाकार नजर आए थे, लेकिन कहानी और प्रस्तुति दर्शकों को ज्यादा प्रभावित नहीं कर पाई। इस कारण यह फिल्म व्यावसायिक रूप से बड़ी हिट साबित नहीं हो सकी।

उगादि किसे कहते हैं?

दक्षिण भारत में मनाया जाने वाला यह एक प्रमुख नववर्ष उत्सव है, जिसे विशेष रूप से तेलुगु और कन्नड़ समुदाय द्वारा मनाया जाता है। यह हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र महीने के पहले दिन आता है। इस दिन लोग पूजा-पाठ करते हैं, नए कपड़े पहनते हैं और पारंपरिक व्यंजन बनाते हैं। इसे नई शुरुआत, समृद्धि और जीवन में सकारात्मक बदलाव के प्रतीक के रूप में देखा जाता है।

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Ajay Kumar Shukla

लेखक परिचय

Ajay Kumar Shukla

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