‘अराइव अलाइव’ सड़क सुरक्षा अभियान 6 सौ से अधिक छात्रों ने लिया भाग
हैदराबाद। हैदराबाद ट्रैफिक पुलिस ने वसावी इंजीनियरिंग कॉलेज के सहयोग से बुधवार को इब्राहिम बाग स्थित एपीजे अब्दुल कलाम ऑडिटोरियम में ‘अराइव अलाइव’ (Arrive Alive) सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में 600 से अधिक छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संयुक्त पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक) डी. जोएल डेविस (D. Joel Davis) ने कहा कि ‘अराइव अलाइव’ अभियान की शुरुआत राज्य के डीजीपी द्वारा की गई है, जिसका उद्देश्य सड़क सुरक्षा जागरूकता को हर घर और हर शिक्षण संस्थान तक पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष तेलंगाना में लगभग 8,000 लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में मौत हुई, जिनमें से 70 से 80 प्रतिशत मौतें बुनियादी सुरक्षा नियमों का पालन कर रोकी जा सकती थीं।
‘डिफेंसिव ड्राइविंग’ के महत्व के बारे में बताया
संयुक्त पुलिस आयुक्त ने छात्रों को ‘डिफेंसिव ड्राइविंग’ के महत्व के बारे में बताया और कहा कि दूसरों की गलती के बावजूद सतर्कता अपनाकर दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं के कारण परिवारों पर पड़ने वाले सामाजिक और आर्थिक प्रभावों पर भी प्रकाश डाला। इसके साथ ही ‘गुड समैरिटन एक्ट’ की जानकारी देते हुए बताया कि दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने वाले व्यक्तियों को अपनी व्यक्तिगत जानकारी देने या जबरन गवाह बनने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा तथा निजी अस्पतालों को ‘गोल्डन आवर’ में तुरंत इलाज देने के निर्देश हैं।

सड़कें सभी नागरिकों की साझा सार्वजनिक संपत्ति
डीसीपी ट्रैफिक बी.के. राहुल हेगड़े ने कहा कि सड़कें सभी नागरिकों की साझा सार्वजनिक संपत्ति हैं और यातायात नियम सभी की सुरक्षा और समान अधिकार सुनिश्चित करने के लिए बनाए गए हैं। उन्होंने छात्रों से सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने और समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। इस अवसर पर वसावी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के प्राचार्य डॉ. एस. वी. रमण, अतिरिक्त डीसीपी ट्रैफिक गोपाल रेड्डी, एनएसएस समन्वयक पी. वेंकटेश्वर राव सहित वरिष्ठ ट्रैफिक अधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का समापन छात्रों को सड़क सुरक्षा का एंबेसडर बनने की अपील के साथ हुआ।
सड़क सुरक्षा अभियान क्या है?
सरकार और सामाजिक संगठनों द्वारा चलाया जाने वाला ऐसा कार्यक्रम, जिसका उद्देश्य लोगों को सुरक्षित यातायात के प्रति जागरूक करना होता है। इसमें नियमों की जानकारी, दुर्घटनाओं से बचाव, हेलमेट-सीट बेल्ट का महत्व और जिम्मेदार ड्राइविंग की आदतें विकसित करने पर जोर दिया जाता है।
सड़क सुरक्षा के 10 नियम क्या हैं?
हमेशा हेलमेट और सीट बेल्ट पहनें, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाएं, शराब पीकर ड्राइव न करें, मोबाइल का उपयोग न करें, ट्रैफिक सिग्नल मानें, सही लेन में चलें, ओवरटेक सावधानी से करें, पैदल यात्रियों को प्राथमिकता दें, वाहन की नियमित जांच करें, और थकान में वाहन न चलाएं।
सड़क सुरक्षा पर 4 नारे कौन से हैं?
सावधानी हटी, दुर्घटना घटी।
सड़क पर नियम अपनाएं, जीवन सुरक्षित बनाएं।
तेज नहीं, सुरक्षित चलाएं।
आपकी एक गलती, किसी की जिंदगी खत्म कर सकती है।
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