मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव से बात कर अपने निर्देश स्पष्ट किए
हैदराबाद। तेलंगाना सरकार ने शनिवार को हैदराबाद के रायडुर्ग स्थित टी-हब (T-Hub) में कुछ सरकारी कार्यालयों को स्थानांतरित करने की अपनी प्रस्तावित योजना को वापस ले लिया। सरकार ने स्पष्ट किया कि टी-हब नवाचार के लिए समर्पित स्थान बना रहेगा और उसे राज्य के प्रशासनिक ढांचे में शामिल नहीं किया जाएगा। इस निर्णय को लेकर विभिन्न समूहों से भारी विरोध मिलने के बाद मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी (Chief Minister A. Revanth Reddy) ने मुख्य सचिव के. रामकृष्ण राव को इस प्रस्ताव को रद्द करने के निर्देश दिए। वर्तमान में अमेरिका दौरे पर मौजूद मुख्यमंत्री ने फोन के माध्यम से मुख्य सचिव से बात कर अपने निर्देश स्पष्ट किए।
टी-हब में नहीं होने चाहिए किसी भी प्रकार के सरकारी कार्यालय
उन्होंने जोर देकर कहा कि स्टार्ट-अप और नवाचार केंद्र के रूप में स्थापित टी-हब में किसी भी प्रकार के सरकारी कार्यालय नहीं होने चाहिए और इससे संबंधित सभी योजनाएं तत्काल वापस ली जाएं। रेवंत रेड्डी ने एक बयान में कहा, टी-हब की हर इंच जगह का उपयोग केवल स्टार्ट-अप्स, तकनीकी उद्यमों और प्रारंभिक चरण की कंपनियों को बढ़ावा देने के लिए किया जाएगा, ताकि ‘तेलंगाना राइजिंग’ के लक्ष्य के अनुरूप यूनिकॉर्न कंपनियां तैयार की जा सकें।
टी-हब क्या है?
हैदराबाद में स्थित यह एक इनोवेशन और स्टार्टअप केंद्र है। इसका उद्देश्य नए उद्यमियों, स्टार्टअप्स और टेक्नोलॉजी आधारित कंपनियों को सहयोग, मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराना है, ताकि नवाचार को बढ़ावा मिल सके।
टी-हब का क्या उपयोग है?
स्टार्टअप्स को मेंटरशिप, फंडिंग कनेक्शन, वर्कस्पेस, नेटवर्किंग और तकनीकी सहयोग देने में इसका उपयोग होता है। यहां नए आइडिया को बिजनेस में बदलने के लिए प्रशिक्षण, इवेंट्स और उद्योग विशेषज्ञों से जुड़ने का अवसर मिलता है।
भारत का कौन सा शहर आईटी हब है?
देश में बेंगलुरु को भारत का प्रमुख आईटी हब माना जाता है। इसके अलावा हैदराबाद, पुणे, चेन्नई और गुरुग्राम भी सूचना प्रौद्योगिकी और सॉफ्टवेयर उद्योग के बड़े केंद्र के रूप में विकसित हुए हैं।
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