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SIT : फोन टैपिंग मामला – भाजपा सांसद ने एसआईटी से त्वरित कार्रवाई की मांग

Author Icon By Ajay Kumar Shukla
Updated: February 3, 2026 • 3:21 PM
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हैदराबाद। भाजपा के मेदक सांसद माधवनेनी रघुनंदन राव (Madhavaneni Raghunandan Rao) ने कथित फोन टैपिंग मामले में विशेष जांच दल (SIT) से जांच में तेजी लाने और दोषियों को शीघ्र जेल भेजने की मांग की है। सोमवार को गजवेल–प्रग्नापुर नगरपालिका क्षेत्र में चुनाव प्रचार के दौरान रघुनंदन राव ने पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) के जून 2014 में विधानसभा में दिए गए बयान को याद दिलाया, जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘अपराध करने वाला चाहे अपना बेटा या बेटी ही क्यों न हो, उसे जेल भेजा जाएगा।’ सांसद ने कहा कि अब वही बात केसीआर पर भी लागू होती है।

कांग्रेस सरकार पर गजवेल के विकास में विफल रहने का आरोप

रघुनंदन राव ने कांग्रेस सरकार पर गजवेल के विकास में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि केसीआर के कार्यकाल में गजवेल में कोई ठोस विकास नहीं हुआ और पिछले दो वर्षों में भी यह क्षेत्र उपेक्षित रहा है। केंद्रीय बजट का बचाव करते हुए भाजपा सांसद ने आलोचकों पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक ही परिवार के सदस्य केटीआर, हरीश राव और कविता बजट को लेकर परस्पर विरोधी बयान दे रहे हैं। रघुनंदन राव ने बताया कि दक्षिण भारत के लिए स्वीकृत सात हाई-स्पीड ट्रेनों में से तीन हैदराबाद को मिली हैं। साथ ही रेलवे बजट में पिछले वर्ष की तुलना में 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और इस बार तेलंगाना को 1,300 करोड़ रुपये अतिरिक्त आवंटित किए गए हैं।

फोन टैपिंग केस का जजमेंट क्या है?

प्रसिद्ध रूप से भारत में फोन टैपिंग पर सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला आया था, जिसमें कहा गया कि फोन टैप करना निजता के अधिकार का उल्लंघन है। अदालत ने स्पष्ट किया कि फोन टैपिंग केवल अत्यंत गंभीर परिस्थितियों में, तय कानूनी प्रक्रिया और सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से ही की जा सकती है। बिना वैध कारण और अनुमति के की गई टैपिंग को अवैध माना गया है।

फोन टैपिंग क्या होती है?

सामान्य रूप से फोन टैपिंग का अर्थ किसी व्यक्ति की फोन कॉल, मैसेज या डिजिटल बातचीत को गुप्त रूप से सुनना या रिकॉर्ड करना होता है। यह कार्य आम तौर पर निगरानी या जांच के उद्देश्य से किया जाता है। अगर यह कानूनी अनुमति के बिना किया जाए, तो इसे निजता का हनन और अपराध माना जाता है।

क्या पुलिस हमारे फोन को टैप कर सकती है?

कानूनन पुलिस फोन टैप तभी कर सकती है जब राष्ट्रीय सुरक्षा, गंभीर अपराध या सार्वजनिक हित से जुड़ा मामला हो। इसके लिए उच्च अधिकारी या सरकार की लिखित अनुमति आवश्यक होती है। बिना अनुमति किसी का फोन टैप करना अवैध है और संबंधित अधिकारी या व्यक्ति पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

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