डॉक्टरों, नर्सों और अन्य चिकित्सा कर्मचारियों को पुरस्कार
हैदराबाद। स्वास्थ्य मंत्री दामोदर राजनरसिम्हा (Damodar Rajanarasimha) ने रवींद्र भारती, हैदराबाद में विश्व स्वास्थ्य दिवस’ के अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्वास्थ्य का अर्थ केवल बीमारी का अभाव नहीं है, बल्कि शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से स्वस्थ रहना भी है। जनता का स्वास्थ्य ही एक विकसित समाज (Developed Society) की मजबूत नींव है। इस वर्ष का थीम ”स्वास्थ्य के लिए साथ – विज्ञान के साथ खड़े हों” हमें स्वास्थ्य क्षेत्र में विज्ञान, सहयोग और साक्ष्य-आधारित निर्णयों के महत्व की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि सरकारी डॉक्टरों, नर्सों, पैरामेडिकल स्टाफ और सहयोगी कर्मचारियों की सेवाओं के कारण ही लोगों का स्वास्थ्य सुरक्षित है। कोविड जैसी कठिन परिस्थितियों में सेवा देने वाले सभी स्वास्थ्य कर्मियों को विशेष बधाई।
सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए लगातार कदम उठा रहे
मंत्री ने कहा कि हम सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए लगातार कदम उठा रहे हैं। प्राथमिक स्तर से लेकर सुपर स्पेशियलिटी स्तर तक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर, मानव संसाधन, दवाइयों और डायग्नोस्टिक सेवाओं में सुधार किया जा रहा है। जीवनशैली में बदलाव, खान-पान की आदतें और प्रदूषण के कारण डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, किडनी और कैंसर जैसी गैर-संचारी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। ये बीमारियां लोगों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्यभर में एनसीडी क्लीनिक, डे-केयर कैंसर केंद्र, पालीएटिव और जेरियाट्रिक केयर सेंटर स्थापित किए गए हैं। डायलिसिस सेवाओं का विस्तार करते हुए 79 नए केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।
1100 करोड़ रुपये की लागत से चार-स्तरीय ट्रॉमा केयर प्रणाली लागू की जा रही
109 ट्रॉमा केयर सेंटर बनाकर आपातकालीन सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है। सड़क दुर्घटनाओं में जान बचाने के लिए हर 35 किलोमीटर पर ट्रॉमा केयर सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। लगभग 1100 करोड़ रुपये की लागत से चार-स्तरीय ट्रॉमा केयर प्रणाली लागू की जा रही है। एम्बुलेंस सेवाओं को मजबूत करते हुए 213 नए वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। इससे आपातकालीन प्रतिक्रिया समय में काफी कमी आई है। लक्ष्य है कि 10 मिनट के भीतर एम्बुलेंस घटनास्थल तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि हर जिले में डे-केयर कैंसर सेंटर स्थापित किए गए हैं, जिससे इलाज लोगों के करीब पहुंचा है।
आरोग्यश्री सेवाओं का विस्तार कर लोगों पर आर्थिक बोझ कम किया जा रहा
20 सरकारी अस्पतालों में फेफड़ों के कैंसर की प्रारंभिक जांच के लिए पायलट प्रोजेक्ट जल्द शुरू किया जाएगा। आरोग्यश्री सेवाओं का विस्तार कर लोगों पर आर्थिक बोझ कम किया जा रहा है। कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए नई स्वास्थ्य योजना लाई जा रही है। इस अवसर पर मंत्री ने उन डॉक्टरों, नर्सों और अन्य चिकित्सा कर्मचारियों को पुरस्कार प्रदान किए, जो अपनी ड्यूटी का पूरी ज़िम्मेदारी से निर्वहन करते हुए बेहतरीन चिकित्सा सेवाएँ प्रदान कर रहे हैं।
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