स्टेशन के पुनर्विकास की प्रगति का जायजा
भारत सरकार के कोयला और खनिज मंत्री जी. किशन रेड्डी (G. Kishan Reddy) ने हाई-टेक सिटी रेलवे स्टेशन में चल रहे पुनर्विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उनके साथ चेवेल्ला के सांसद कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी (Konda Visvesvara Reddy) और दक्षिण मध्य रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
नई सुविधाओं का निरीक्षण
मंत्री ने नए स्टेशन भवन, 12 मीटर के फुटओवर ब्रिज, प्लेटफॉर्म और सर्कुलेटिंग क्षेत्र जैसे निर्माण कार्यों को देखा। उन्होंने कार्य स्थल पर सुरक्षा उपायों की समीक्षा भी की।
तेलंगाना में रेलवे विकास तेजी से
किशन रेड्डी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तेलंगाना में रेलवे विकास तेजी से हो रहा है। राज्य में 40 रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं के साथ अपग्रेड किया जा रहा है। हाल ही में चार्लापल्ली नया रेलवे टर्मिनल भी शुरू किया गया है।
स्टेशन के पुनर्विकास की लागत
- हाई-टेक सिटी स्टेशन चरण-I: 25.93 करोड़ रुपये
- चरण-II: लगभग 10 करोड़ रुपये
- सेकंदराबाद स्टेशन पुनर्विकास: 720 करोड़ रुपये
यात्रियों की बढ़ती संख्या
इस स्टेशन से रोज़ाना लगभग 62 उप-शहरी ट्रेनें चलती हैं और करीब 5400 यात्री यात्रा करते हैं। आगे यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।
अधिकारियों ने दी जानकारी
कार्यक्रम में दक्षिण मध्य रेलवे के जीएम संजय कुमार श्रीवास्तव ने स्वागत भाषण दिया और परियोजना की मुख्य विशेषताओं की जानकारी CAO/RSP संदीप जैन ने दी।
श्री जी. किशन रेड्डी कौन हैं?
जी. किशन रेड्डी एक भारतीय राजनेता और बीजेपी के वरिष्ठ नेता हैं। वे तेलंगाना से लोकसभा सांसद हैं और लंबे समय से राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय रहे हैं। उन्होंने संगठन, प्रशासन और संसद में कई महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाई हैं और विकास-कार्य के लिए जाने जाते हैं।
किशन रेड्डी को कौन सा मंत्रालय मिला है?
जी. किशन रेड्डी वर्तमान में भारत सरकार में कोयला और खनिज मंत्री हैं। इस पद पर वे देश में खनन क्षेत्र, कोयला उत्पादन, खनिज नीति और संसाधनों के प्रबंधन से जुड़े कार्यों की देखरेख करते हैं। उनका काम ऊर्जा सुरक्षा और खनन सुधारों को मजबूत करना है।
केंद्रीय कोयला मंत्री कौन हैं?
भारत के केंद्रीय कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी हैं। वे देश में कोयला क्षेत्र की नीतियों, उत्पादन, आपूर्ति और खनन से जुड़े सुधारों की देखरेख करते हैं। उनका दायित्व ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत बनाना, खनन उद्योग का आधुनिकीकरण करना और राज्यों को आवश्यक कोयला उपलब्ध कराना शामिल है।
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