केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रह्लाद जोशी को लिखा पत्र
हैदराबाद। तेलंगाना के सिंचाई एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी (N. Uttam Kumar Reddy) ने राज्य में धान उत्पादन में तेजी और केंद्र की घटती खरीद के बीच असंतुलन को दूर करने के लिए केंद्र सरकार के सामने तीन अहम मांगें रखी हैं। केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रह्लाद जोशी को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि राज्य में अतिरिक्त धान भंडारण की समस्या बढ़ रही है, जिससे किसानों को नुकसान का खतरा है। मंत्री ने रबी 2024-25 के लिए 5 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) उबले चावल (बॉयल्ड राइस) का लक्ष्य पुनः निर्धारित करने की मांग की है। इसके लिए एफसीआई के कच्चे चावल के लक्ष्य में कटौती करने का सुझाव दिया गया है। उन्होंने बताया कि अभी भी 8.45 एलएमटी चावल (Rice) की आपूर्ति लंबित है और 28 फरवरी 2026 की तय समयसीमा गुजर चुकी है, इसलिए 60 दिनों का अतिरिक्त समय भी मांगा गया है।
तेलंगाना का धान बेहतर गुणवत्ता और कम नमी वाला
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि तेलंगाना का धान बेहतर गुणवत्ता और कम नमी वाला है, जो उबले चावल के उत्पादन के लिए उपयुक्त है। राइस मिलर्स ने 5 प्रतिशत ब्रोकन के साथ आपूर्ति करने पर सहमति जताई है। इसके अलावा, मंत्री ने 2025-26 के खरीफ और रबी सीजन के लिए उबले चावल का लक्ष्य 20 एलएमटी तक बढ़ाने की मांग की है, ताकि राज्य के बढ़ते उत्पादन के अनुरूप व्यवस्था की जा सके। उन्होंने रबी 2024-25 की आपूर्ति के लिए दो महीने का अतिरिक्त समय देने की जरूरत पर भी जोर दिया। इसका कारण खरीफ धान के स्टॉक का भौतिक सत्यापन और अतिरिक्त प्रोसेसिंग समय बताया गया है। मंत्री ने कहा कि दिसंबर 2023 में सत्ता में आई कांग्रेस सरकार के बाद राज्य में धान उत्पादन में तेजी से वृद्धि हुई है।
लाखों किसानों के हितों की रक्षा के लिए निरंतर खरीद जरूरी
राज्य, केंद्र की ओर से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) सुनिश्चित करने के लिए विकेंद्रीकृत खरीद योजना के तहत धान खरीद करता है। हालांकि, केंद्र द्वारा कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) और उबले चावल के लक्ष्यों में कमी के कारण राज्य को अतिरिक्त स्टॉक, भंडारण लागत, मिलिंग खर्च और ब्याज भार जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। मंत्री ने पत्र में बताया कि 2024-25 में एफसीआई को दिए गए उबले चावल का प्रतिशत घटकर 66.78% रह गया है, जबकि उत्पादन लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि लाखों किसानों के हितों की रक्षा के लिए निरंतर खरीद जरूरी है, लेकिन पर्याप्त केंद्रीय सहयोग के बिना राज्य पर वित्तीय बोझ बढ़ता जा रहा है। अंत में उन्होंने केंद्र से इन मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की अपील की।
2025-26 का धान का रेट क्या है?
विपणन सत्र 2025-26 के लिए सरकार ने धान (पैडी) का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय किया है। सामान्य धान का रेट ₹2369 प्रति क्विंटल और ग्रेड-A धान का रेट ₹2389 प्रति क्विंटल रखा गया है।
यह रेट पूरे भारत में सरकारी खरीद (Procurement) के लिए लागू होता है, लेकिन कुछ राज्यों में बोनस जोड़कर ज्यादा कीमत भी मिल सकती है।
फार्मर रजिस्ट्री कैसे चेक करें?
फार्मर रजिस्ट्रेशन (पंजीकरण) चेक करने के लिए राज्य के कृषि या खाद्य विभाग की वेबसाइट पर जाना होता है। वहाँ “किसान पंजीकरण / Farmer Registration” या “धान खरीद पंजीकरण” विकल्प में जाकर अपना मोबाइल नंबर, आधार नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर स्थिति देख सकते हैं।
कुछ राज्यों में मोबाइल ऐप (जैसे किसान मित्र) या CSC सेंटर से भी जानकारी मिल जाती है। अगर ऑनलाइन नहीं मिले तो नजदीकी क्रय केंद्र या कृषि कार्यालय में भी जांच कर सकते हैं।
धान की खरीदी का रेट क्या है?
खरीदी का रेट आमतौर पर MSP के बराबर होता है, यानी:
- सामान्य धान: ₹2369 प्रति क्विंटल
- ग्रेड-A धान: ₹2389 प्रति क्विंटल
कुछ राज्यों (जैसे छत्तीसगढ़, तेलंगाना आदि) में राज्य सरकार अतिरिक्त बोनस देती है, जिससे किसानों को MSP से ज्यादा कीमत भी मिल सकती है।
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