हैदराबाद। रंगारेड्डी जिला कलेक्टर सी. नारायण रेड्डी (C. Narayana Reddy) ने कहा कि ग्राम पंचायत चुनावों के दूसरे चरण का मतदान शांतिपूर्ण वातावरण में सुचारू रूप से संपन्न हो रहा है। रविवार को रंगारेड्डी जिले के सात मंडलों में दूसरे चरण के चुनाव आयोजित किए गए। इस दौरान जिला कलेक्टर सी. नारायण रेड्डी ने कनकमामिडी (Kanakamidi), केथीरेड्डीपल्ली, मुदिम्याला, पोटगल, शबाद और सरदार नगर स्थित मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया।
बिना किसी त्रुटि के अपने दायित्वों का करें निर्वहन
उन्होंने पीठासीन अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे मतदाता सूची के अनुसार मतदान प्रक्रिया का संचालन करें और बिना किसी त्रुटि के अपने दायित्वों का निर्वहन करें। कलेक्टर ने मतदान प्रबंधन और की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा की तथा कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने मतदान केंद्र परिसर में चुनाव लड़ रहे सरपंचों और वार्ड सदस्यों की सूची का भी अवलोकन किया। दूसरे चरण के रिटर्निंग अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे समय-समय पर निर्धारित प्रारूप में संबंधित मतदान केंद्रों का मतदान प्रतिशत दर्ज करें। उन्होंने कहा कि दोपहर 1 बजे से पहले मतदान केंद्र परिसर में वोट डालने के लिए कतार में खड़े सभी मतदाताओं को मतदान का अवसर दिया जाना चाहिए।
किसी को भी प्रवेश की न दी जाए अनुमति
साथ ही उन्होंने चुनाव ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी स्थिति में दोपहर 1 बजे के बाद किसी को भी मतदान केंद्र के गेट के भीतर प्रवेश की अनुमति न दी जाए तथा मतगणना दोपहर 2 बजे प्रारंभ की जाए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि पहले वार्ड सदस्यों के मतों की गणना की जाएगी और उसके बाद सरपंच पद के मतों की गणना की जाएगी। इस अवसर पर कलेक्टर के साथ आरडीओ चंद्रकला, मोइनाबाद तहसीलदार गौतम सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
ग्राम पंचायत क्या होती है?
गाँव का स्थानीय स्वशासी निकाय होती है, जो स्थानीय प्रशासन, विकास, साफ‑सफाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण के कार्यों का संचालन करती है। यह पंचायत जनता द्वारा चुनी जाती है और गाँव के हित में योजनाओं और नीतियों को लागू करती है।
ग्राम पंचायत की शुरुआत कब हुई थी?
भारत में आधुनिक ग्राम पंचायतों की शुरुआत 1950 के दशक में स्वतंत्रता के बाद हुई थी, जब संविधान के अनुच्छेद 243 के तहत पंचायती राज व्यवस्था लागू की गई। इसका उद्देश्य ग्रामीण विकास और जनता की भागीदारी के माध्यम से स्थानीय प्रशासन को मजबूत करना था।
ग्राम पंचायत प्रोजेक्ट क्या है?
ग्राम पंचायत प्रोजेक्ट एक सरकारी पहल है, जिसमें गाँवों के विकास, स्वच्छता, शिक्षा, जल आपूर्ति, स्वास्थ्य और ग्रामीण आर्थिक गतिविधियों को बेहतर बनाने के लिए योजनाएँ और संसाधन प्रदान किए जाते हैं। इसका मकसद पंचायतों को सक्षम बनाकर ग्रामीण समुदाय की गुणवत्ता जीवन बढ़ाना है।
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